234 पंचायतों में स्पेशल पुलिस-CID की निगरानी, 76 अवैध संपत्तियां चिन्हित – भारत केसरी टीवी

234 पंचायतों में स्पेशल पुलिस-CID की निगरानी, 76 अवैध संपत्तियां चिन्हित

[मदन शर्मा ]

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CM ने NCORD बैठक की अध्यक्षता की

· 1 जून से शुरू होगा एंटी चिट्टा अभियान का दूसरा चरण : मुख्यमंत्री
· 21 पुलिस कर्मियों समेत 31 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज NCORD बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने 1 जून से 20 अगस्त 2026 तक प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में एंटी चिट्टा जागरूकता अभियान का दूसरा चरण चलाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के कम से कम 10 शिक्षण संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दवा कंपनियों द्वारा दवाओं के निर्माण और वितरण में सख्त अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और दवाओं के दुरुपयोग को गंभीरता से लिया जाएगा। अवैध रूप से दवाइयां बेचने वाली दुकानों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार समाज से चिट्टे को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। डीसी और एसपी की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) में एंटी चिट्टा अभियान और नशे के खिलाफ कार्रवाई के आधार पर अंक आधारित मूल्यांकन शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा मामलों की फोरेंसिक रिपोर्ट पांच दिन के भीतर तैयार होनी चाहिए ताकि जांच और ट्रायल में तेजी लाई जा सके। उन्होंने एसपी को ड्रग तस्करी पर लगातार नजर रखने और चिट्टा तस्करों की अवैध कब्जों वाली संपत्तियों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए।

प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सत्ता संभालने के बाद नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई की है और पीड़ितों के पुनर्वास पर भी ध्यान दिया है। सभी विभागों में भर्ती और प्रोफेशनल कॉलेजों में प्रवेश के लिए एंटी चिट्टा टेस्ट अनिवार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 नवंबर 2025 को रिज शिमला से एंटी चिट्टा वॉकाथॉन के साथ ‘एंटी चिट्टा जन आंदोलन’ शुरू किया गया था, जो अब जन आंदोलन बन चुका है।

उन्होंने बताया कि अब तक करीब 12 हजार लोगों की पहचान की गई है और प्रदेश की 234 अति संवेदनशील पंचायतों में स्पेशल पुलिस और CID की निगरानी तैनात की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक NDPS एक्ट के तहत 6811 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछली सरकार के मुकाबले 33.18 प्रतिशत अधिक हैं। इस दौरान 10,357 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 45,867 किलोग्राम नशीले पदार्थ बरामद किए गए।

उन्होंने बताया कि अब तक PIT-NDPS एक्ट के तहत 174 ड्रग तस्करों को हिरासत में लिया गया है। अवैध ड्रग कारोबार की आर्थिक जड़ों पर प्रहार करते हुए करीब 51 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां जब्त की गई हैं। STF ने 700 से अधिक मामलों की जांच कर 300 मामलों में वित्तीय जांच और संपत्ति फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू की है। अब तक 76 अवैध संपत्तियों की पहचान की गई है और 17 मामलों में ध्वस्तीकरण व बेदखली की कार्रवाई की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। ड्रग मामलों में शामिल पाए गए 123 सरकारी कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिनमें 10 सरकारी कर्मचारी और 21 पुलिस कर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार केवल गिरफ्तारी और सजा तक सीमित नहीं है, बल्कि नशा छोड़ने के इच्छुक युवाओं को उपचार, काउंसलिंग और पुनर्वास सुविधाओं से भी जोड़ा जा रहा है। शिमला के मशोबरा में एक पुनर्वास केंद्र 20 मई से शुरू होगा, जबकि टांडा मेडिकल कॉलेज में दूसरा केंद्र जल्द शुरू किया जाएगा।

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