मुफ्त योजनाओं पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: “खैरात नहीं, रोजगार सृजन पर दें जोर” – भारत केसरी टीवी

मुफ्त योजनाओं पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: “खैरात नहीं, रोजगार सृजन पर दें जोर”

[MADAN SHARMA]

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नई दिल्ली।

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Supreme Court of India ने मुफ्त योजनाओं को लेकर सख्त टिप्पणी करते हुए सरकारों को नसीहत दी है कि वे खैरात बांटने के बजाय रोजगार सृजन पर ध्यान दें। अदालत ने कहा कि अगर लोगों को मुफ्त में बिजली, साइकिल और भोजन दिया जाएगा तो कार्य संस्कृति पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

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मुफ्त सुविधाओं से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि देश के आर्थिक विकास में बाधा डालने वाली नीतियों पर पुनर्विचार करने का समय आ गया है। जरूरतमंदों को सहायता देना गलत नहीं है, लेकिन बिना भेदभाव सभी को मुफ्त सुविधाएं देना उचित नीति नहीं हो सकती।

अदालत ने यह भी कहा कि चुनावों से पहले मुफ्त योजनाओं की घोषणाओं पर राजनीतिक दलों और समाजशास्त्रियों को गंभीरता से विचार करना चाहिए। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु सरकार की मुफ्त बिजली योजना से संबंधित याचिका पर केंद्र और अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया गया है।

सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों ने टिप्पणी की कि यदि सरकारें सुबह-शाम मुफ्त भोजन, मुफ्त बिजली और अन्य सुविधाएं देना शुरू कर देंगी, तो फिर काम कौन करेगा? इससे देश की कार्य संस्कृति और आर्थिक ढांचे पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

अदालत ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंदों की सहायता करना होना चाहिए, न कि ऐसी संस्कृति को बढ़ावा देना जिससे लोग आत्मनिर्भर बनने के बजाय निर्भर हो जाएं।

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