सोलन न्यूज : खुशवंत सिंह लिटफेस्ट के 13वें संस्करण का शुभारंभ, तीन दिनों में 25 सत्रों में होगी कई विषयों पर चर्चा

सोलन। देश के नामी लेखकों में शुमार खुशवंत सिंह की याद में लिटफेस्ट के 13वां संस्करण यहां कसौली क्लब में शुरू हो गया है। लिटफेस्ट की शुरुआत शुक्रवार को भक्ति की प्रस्तुति के साथ हुई। हर वर्ष की तरह इस बार भी लिट फेस्ट में देश-विदेश के कई मशहूर लेखक, साहित्यकार, चित्रकार, अभिनेता, सैन्य अधिकारी और राजनीत से जुड़ीं हस्तियां शिरकत करने पहुंच रही हैं। तीन दिनों तक 25 सत्रों में चर्चा होगी। आज फेस्ट के शुभारंभ के बाद निरुपमा दत्त ने आए हुए मेहमानों का स्वागत किया गया। उद्घाटन सत्र में खुशवंत सिंह के बेटे व आयोजक राहुल सिंह और लेखिका बच्ची करकरिया ने देश-विदेश से पहुंचे मेहमानों का स्वागत किया।

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उन्होंने कहा कि खुशवंत सिंह जिंदादिल इंसान थे और कई लोगों ने उनसे जिंदगी को जीने के सलीके सीखे हैं। लिटफेस्ट में खुशवंत सिंह की यादों को संजोया जाएगा। लेखक, साहित्यकार व व्यंग्यकार अपनी रचनाओं से उन्हें याद करेंगे तो साथ ही देश के ज्वलंत मुद्दों पर भी बुद्धिजीवियों का ध्यान खींचेंगे।

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पहले सत्र की शुरुआत इतिहासकार विलियम डेलरिम्पल ने ‘पास्ट परफेक्ट’ विषय पर चर्चा की। उन्होंने भारतीय नवाचारों का वर्णन किया, जिन्होंने कई बदलाव लाए। जबकि भारतीय वायलिन वादक और संगीतकार एल. सुब्रमण्यम ने भारतीय राग और पश्चिमी हार्मोनिक म्यूजिक पर चर्चा कर एक नई पहल पर अपने विचार व्यक्त किए।

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1971 युद्ध के भारतीय सेना के हीरो रहे मेजर जनरल इयान कार्डोजो ने अपनी किताब पर चर्चा करते हुए हमारे सैनिकों की वीरता और युद्ध के परिणामों के बारे में बताया।

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भारतीय सामाजिक और महिला अधिकार कार्यकर्ता, लेखिका व भारत के योजना आयोग की पूर्व सदस्य सैयदा सैय्यदैन हमीद ने अपनी किताब लाइफ ऑफ से सोल में महिलाओं को मजबूत बनाने पर चर्चा की। साथ ही 90 के दशक में पेप्सी जैसी कंपनियों के विज्ञापन के निर्देशक प्रहलाद कक्कड़, जकारिया मेहता, तसनीम समेत कई साहित्यकारों ने अपने-अपने विषयों पर चर्चा की।

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शनिवार को दूसरे दिन पहले सत्र में वन्यप्राणी और प्रकृति संरक्षक लेखक एमके रनजीत सिंह, लेखक और पॉडकास्टर अमित वर्मा, लेखिका अरुंधति सुब्रमण्यम, राजनीतिज्ञ कांति वाजपेयी, फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली, एक लेखक, पॉडकास्टर और कमेंटेटर सर्बप्रीत सिंह, भारतीय उद्यमी और शिक्षाविद् विक्रमजीत सिंह साहनी समेत कई साहित्यकार, लेखक और राजनीतिज्ञ अपनी किताबों पर चर्चा करेंगे।

खुशवंत सिंह के साहित्य के क्षेत्र में दिए गए योगदान और कसौली के प्रति लगाव को देखते हुए उनके बेटे राहुल सिंह ने 2012 में लिटफेस्ट शुरू किया था। खुशवंत सिंह का कसौली के अपर मॉल रोड पर राज विला नाम से आज भी बंगला है, जिसमें वह अक्सर आते थे। ट्रेन टू पाकिस्तान पुस्तक के कई हिस्से भी उन्होंने राज विला में ही लिखे थे।

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