*हिमाचल से गायब नहीं होगा भोजपत्र, जाइका वानिकी परियोजना में रोपे 1500 पौधे, दुर्लभ प्रजाति को सहेजने में मिली सफलता* – भारत केसरी टीवी

*हिमाचल से गायब नहीं होगा भोजपत्र, जाइका वानिकी परियोजना में रोपे 1500 पौधे, दुर्लभ प्रजाति को सहेजने में मिली सफलता*

शिमला मदन शर्मा 56 सितम्बर

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विलुप्त हो रही दुर्लभ प्रजाति के पौधे भोजपत्र को जिंदा करने के लिए जाइका वानिकी परियोजना को सफलता मिली है। हिमाचल प्रदेश में पहली बार इस प्रजाति के पौधों की नर्सरी तैयार करने से लेकर पौधरोपण तक सफलता मिली है। जाइका वानिकी परियोजना ने हिमालयन फोरेस्ट रिसर्च इंस्टिच्यूट शिमला के सहयोग से पहली बार भोजपत्र की नर्सरी तैयार करवाई ताकि इस दुर्लभ प्रजाति एवं सांस्कृतिक पौधों को पुन: रोपित कर उनके प्राकृतिक स्थलों पर पौधारोपण अभियान के माध्यम से लगाया जा सके।
भोजपत्र की संभावनाओं को देखते हुए जिला किन्नौर में पहली बार 15 सौ पौधे रोपे गए। वन मंडल किन्नौर के अंतर्गत तरांडा, निगुलसरी और जानी में क्रमश: पांच सौ-पांच सौ पौधे भोजपत्र के रोपे गए। बोझ पत्र की संभावना के मद्देनजर गुरुवार को वन परिक्षेत्र निचार स्थित भावानगर में एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हिमालयन फोरेस्ट रिसर्च इंस्टिच्यूट शिमला के निदेशक प्रभारी डा. संदीप शर्मा, वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. पितांबर नेगी और तकनीकी अधिकारी ज्वाला सिंह ने भोजपत्र के पौधारोपण से लेकर उनके संरक्षण पर विस्तृत जानकारी दी।
औषधीय गुणों से युक्त
भोजपत्र का पौधा कई औषधीय गुणों से युक्त होता है।

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