हिमाचल सरकार ने खेल संस्कृति को बढ़ावा देकर युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी – भारत केसरी टीवी

हिमाचल सरकार ने खेल संस्कृति को बढ़ावा देकर युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी

[MADAN SHARMA]

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युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक गतिविधियों की ओर मोड़ने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने खेल गतिविधियों को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया है। ये पहल न केवल राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत कर रही हैं, बल्कि युवाओं को नशे की लत से दूर रखने में भी सहायक सिद्ध हो रही हैं।

राज्य सरकार ने उन खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल ढांचे के विकास पर भी काम किया है, जो राज्य और देश के लिए सम्मान अर्जित करते हैं। इसका उद्देश्य युवाओं को अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करना है।

सरकार ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं के पुरस्कार राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। ओलंपिक, विंटर ओलंपिक और पैरालंपिक में स्वर्ण पदक विजेताओं की राशि 3 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दी गई है। रजत पदक विजेताओं को अब 3 करोड़ रुपये (पहले 2 करोड़) और कांस्य पदक विजेताओं को 2 करोड़ रुपये (पहले 1 करोड़) दिए जाएंगे।

एशियाई खेलों और पैरालंपिक खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि 50 लाख से बढ़ाकर 4 करोड़ रुपये कर दी गई है। रजत पदक विजेताओं को अब 2.50 करोड़ रुपये (पहले 30 लाख) और कांस्य पदक विजेताओं को 1.50 करोड़ रुपये (पहले 20 लाख) मिलेंगे।

कॉमनवेल्थ और पैरा कॉमनवेल्थ खेलों के लिए भी पुरस्कार राशि में बड़ा इजाफा किया गया है। स्वर्ण पदक विजेताओं को अब 3 करोड़ रुपये (पहले 50 लाख), रजत विजेताओं को 2 करोड़ रुपये (पहले 30 लाख) और कांस्य विजेताओं को 1 करोड़ रुपये (पहले 20 लाख) दिए जाएंगे।

पिछले वर्ष, राज्य सरकार ने पैरालंपिक, एशियाई खेल, कॉमनवेल्थ खेल और विश्व कप में भाग लेने या पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को कुल ₹17,44,28,000 की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की।

खिलाड़ियों को उचित पोषण मिले, इसके लिए उनका आहार भत्ता भी बढ़ाया गया है। स्कूल स्तर पर भी खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। राज्य से बाहर प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को अब 200 किमी तक की दूरी के लिए एसी थ्री-टियर रेल किराया और उससे अधिक दूरी के लिए इकोनॉमी क्लास हवाई किराया प्रदान किया जा रहा है।

वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान खेल मैदानों और आधुनिक खेल अवसंरचना के निर्माण व रखरखाव के लिए लगभग ₹38 करोड़ खर्च किए गए हैं। यह राशि कुल 74 खेल परियोजनाओं पर व्यय की गई।

शिमला ज़िले के रामपुर बुशहर के निकट दत्तनगर में ₹9.45 करोड़ की लागत से एक खेल छात्रावास का निर्माण किया गया है, जिसमें 50 खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था है। सिरमौर ज़िले के माजरा में ₹7.28 करोड़ की लागत से हॉकी एस्ट्रोटर्फ विकसित किया गया है।

राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को उस अवधि के दौरान विशेष अवकाश देने का निर्णय भी सरकार ने लिया है, जिससे छात्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

राज्य सरकार ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों को रोजगार देने के लिए 3 प्रतिशत खेल कोटा निर्धारित किया है, जिसके तहत वर्ष 2024 से अब तक 99 खिलाड़ियों को रोजगार प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री युवा खेल प्रोत्साहन योजना के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक खेल मैदान निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। राज्य के प्रत्येक ब्लॉक में नोडल युवा क्लब स्थापित किए गए हैं। कुल 68 ब्लॉकों में प्रत्येक में एक युवा स्वयंसेवक और प्रत्येक जिला मुख्यालय पर एक स्वयंसेवक नियुक्त किया गया है।

पिछले वर्ष, अखिल भारतीय डॉ. वाई.एस. परमार स्मृति वॉलीबॉल टूर्नामेंट कांगड़ा के पंचरुखी क्षेत्र में आयोजित किया गया था, जबकि वर्ष 2023 में यह प्रतियोगिता शिमला के शोगी में आयोजित की गई।

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