हिमाचल सरकार और यूएनडीपी के बीच एमओयू, जलवायु-अनुकूल और सतत विकास को मिलेगी नई गति – भारत केसरी टीवी

हिमाचल सरकार और यूएनडीपी के बीच एमओयू, जलवायु-अनुकूल और सतत विकास को मिलेगी नई गति

[मदन शर्मा]

Advertisement

 

Advertisement

जलवायु-अनुकूल, समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार और यूएनडीपी के बीच एमओयू हस्ताक्षरित

• मुख्यमंत्री ने ‘सफाई मित्र योजना’ का किया शुभारंभ

राज्य सरकार और United Nations Development Programme (यूएनडीपी) के बीच आज राज्य में जलवायु-अनुकूल, समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

राज्य सरकार की ओर से पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव सुशील सिंगला तथा यूएनडीपी की ओर से रेजिडेंट प्रतिनिधि Angela Lusigi ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

इस साझेदारी के तहत सर्कुलर इकोनॉमी, कचरा प्रबंधन, कचरा प्रबंधन कर्मियों का सामाजिक समावेशन, कचरा संग्रहण के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तथा अन्य जलवायु-अनुकूल विकास प्राथमिकताओं पर कार्य किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और जैव विविधता संरक्षण, परिदृश्य पुनर्स्थापन, पारिस्थितिकी-आधारित अनुकूलन, प्रकृति-आधारित समाधान, स्थानीय समुदायों के लिए जैव विविधता आधारित आजीविका, महत्वपूर्ण आवासों और जैव विविधता गलियारों की सुरक्षा तथा पारिस्थितिकीय लचीलापन बढ़ाने हेतु नियामक एवं प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने पर भी सहयोग किया जाएगा।

साझेदारी के अंतर्गत महिलाओं, वंचित समुदायों और अनौपचारिक श्रमिकों की योजना निर्माण और क्रियान्वयन प्रक्रियाओं में भागीदारी सुनिश्चित कर लैंगिक-संवेदनशील और सामाजिक रूप से समावेशी विकास को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के साथ-साथ प्रदेशवासियों के लिए हरित और सतत आजीविका के अवसर सृजित करने में सहायक होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहयोग राज्य को सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता हिमाचल प्रदेश को ग्रीन एनर्जी स्टेट और हिमालयी क्षेत्र में सतत विकास के आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने की राज्य सरकार की परिकल्पना के अनुरूप है।

उन्होंने कहा कि इस साझेदारी के माध्यम से ज्ञान के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण, पायलट परियोजनाओं के क्रियान्वयन और जलवायु वित्त जुटाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि दीर्घकालिक पर्यावरणीय और विकासात्मक लक्ष्यों को हासिल किया जा सके।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्यभर में कचरा प्रबंधन से जुड़े अनौपचारिक श्रमिकों के सशक्तिकरण के उद्देश्य से ‘सफाई मित्र योजना’ का भी शुभारंभ किया।

उन्होंने कहा कि सफाई और कचरा प्रबंधन कर्मी समाज को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी गरिमा, सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्कुलर इकोनॉमी पर आधारित विकास दृष्टि का अहम हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना सफाई मित्रों को अधिक सम्मान, सुरक्षा, सहयोग और अवसर प्रदान करेगी तथा स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण बनाए रखने में उनके योगदान को उचित पहचान दिलाएगी।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

2027 में कौन होगा हिमाचल का मुख्य मंत्री

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Facebook Instagram Twitter Youtube Whatsapp
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000