हिमाचल को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने की दिशा में काम कर रही सरकार : मुख्यमंत्री सुक्खू – भारत केसरी टीवी

हिमाचल को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने की दिशा में काम कर रही सरकार : मुख्यमंत्री सुक्खू

[मदन शर्मा ]

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पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री

शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के कार्यक्रम में बोले मुख्यमंत्री
पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश का किया आह्वान

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार शाम शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पर्यटन उद्योग का विकास राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है और हिमाचल प्रदेश को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन ढांचे का विकास इस प्रकार किया जा रहा है ताकि हिमाचल आने वाले पर्यटक कम से कम 8 से 10 दिन तक यहां ठहरें। उन्होंने बताया कि उच्चस्तरीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। पालमपुर, हमीरपुर, धर्मशाला और चंबा हेलीपोर्ट पर इस वर्ष जून तक हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रिकांगपिओ हेलीपोर्ट के लिए उड़ान सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं, जिससे हवाई संपर्क बेहतर होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से शिमला में बड़े हेलीकॉप्टरों की सेवाएं शुरू करने का आग्रह किया है। हालांकि संजौली हेलीपोर्ट पर संचालन संबंधी दिक्कतों के चलते शिमला में अन्य स्थान पर भूमि चिन्हित की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशभर में बेहतर संपर्क सुविधा के लिए सुरंगों और रोपवे निर्माण पर विशेष ध्यान दे रही है। शिमला के अलावा धर्मशाला, मनाली और कसौली को भी योजनाबद्ध एवं चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने कांगड़ा जिला को राज्य की पर्यटन राजधानी घोषित किया है। कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार के लिए लगभग 3,500 करोड़ रुपये की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया चल रही है, जिसे जून तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद विस्तार कार्य शुरू होगा। उन्होंने कहा कि यदि भुंतर एयरपोर्ट के आसपास के लोग भूमि उपलब्ध करवाते हैं तो सरकार उसके विस्तार पर भी विचार करेगी। साथ ही जोगिंदरनगर से भुभू-जोत सुरंग का निर्माण किया जाएगा, जिससे कुल्लू, मनाली और लाहौल-स्पीति जाने वाले पर्यटकों को सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता देते हुए धर्मशाला के तपोवन में 500 करोड़ रुपये की लागत से 5,000 लोगों की क्षमता वाला अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा कांगड़ा जिले में 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का चिड़ियाघर भी स्थापित किया जा रहा है।

ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही है। चालू वित्त वर्ष में नैना देवी, ज्वाला जी और चिंतपूर्णी शक्तिपीठों के विकास पर 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिमला आइस स्केटिंग रिंक के निकट अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिमला की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है और शहर में कई सौंदर्यीकरण परियोजनाएं शुरू की गई हैं। बिजली और अन्य उपयोगिता तारों को भूमिगत किया जा रहा है। ट्रैफिक जाम कम करने के लिए शिमला सर्कुलर रोड के चौड़ीकरण हेतु 150 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने घोषणा की कि टल्लैंड से आईजीएमसी तक 900 करोड़ रुपये की लागत से सुरंग का निर्माण किया जाएगा। शिमला की पेयजल समस्या के समाधान के लिए सुन्नी के निकट सतलुज नदी से पानी उठाने की योजना शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार होटल, वेलनेस सेंटर और वे-साइड सुविधाओं के निर्माण पर 3,000 करोड़ रुपये निवेश कर रही है। प्रदेश में एडवेंचर पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए मनाली में आधुनिक रिवरफ्रंट विकसित किया जा रहा है और नए पर्यटन स्थलों की पहचान कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद बद्दी-बरोटीवाला औद्योगिक क्षेत्र से राज्य को कर राजस्व में भारी नुकसान हुआ है। पहले जहां लगभग 4,000 करोड़ रुपये प्राप्त होते थे, वहीं अब केवल 150 से 200 करोड़ रुपये ही मिल रहे हैं। ऐसे में पर्यटन क्षेत्र इस नुकसान की भरपाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों से पर्यटन क्षेत्र में आगे आकर निवेश करने का आह्वान करते हुए आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी और उनकी समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, महाधिवक्ता अनूप रत्न, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरैत, शिमला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल वालिया सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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