विकसित भारत की परिकल्पना साकार करने में कला और संस्कृति की भूमिका को रेखांकित करते हुए राज्यपाल – भारत केसरी टीवी

विकसित भारत की परिकल्पना साकार करने में कला और संस्कृति की भूमिका को रेखांकित करते हुए राज्यपाल

[MADAN SHARMA]

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ललित कला अकादमी, नई दिल्ली, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में ललित कला अकादमी उप-केंद्र द्वारा आज शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में “विकसित भारत के रंग, कला के संग” विषय पर एक दिवसीय चित्रकला कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम थी – कला और परंपराओं के माध्यम से विकसित भारत का निर्माण।

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कला और संस्कृति समाज को गढ़ने वाली सशक्त शक्तियाँ हैं और विकसित भारत@2047 की परिकल्पना को साकार करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिव्यक्त किया है। उन्होंने कलाकारों को सांस्कृतिक राजदूत बताते हुए कहा कि उनकी सृजनात्मकता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती है और विकसित भारत के सपने को हर नागरिक तक पहुँचाती है।

श्री शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत एक सम्मानित वैश्विक नेता के रूप में उभरा है। स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और जन धन योजना जैसी रूपांतरणकारी पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों ने राष्ट्र की विकास यात्रा को नई गति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना में प्रत्येक भारतीय सहभागी बन रहा है। प्रधानमंत्री के स्वदेशी अपनाने के आह्वान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास राष्ट्रीय आत्मनिर्भरता और गौरव को मजबूत करते हैं।

राज्यपाल ने कलाकारों से आह्वान किया कि वे अपनी सृजनात्मकता का उपयोग केवल कलात्मक उत्कृष्टता के लिए ही नहीं, बल्कि सद्भाव, देशभक्ति और विकास को भी प्रोत्साहित करने के लिए करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय कलाकारों की निष्ठा और प्रतिभा भारत को वैश्विक सांस्कृतिक शक्ति के रूप में स्थापित करने में सहायक होगी।

इससे पूर्व राज्यपाल ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान का दौरा किया, जहाँ उन्होंने लाइव पेंटिंग में जुटे युवा कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

ललित कला अकादमी, नई दिल्ली के उपाध्यक्ष नंद लाल ठाकुर ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी सभा को संबोधित किया।

इस अवसर पर विधायक बलबीर वर्मा, डॉ. जनक राज सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

विकसित भारत की परिकल्पना साकार करने में कला और संस्कृति की भूमिका को रेखांकित करते हुए राज्यपाल

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