बघाट बैंक पर बड़ी कार्रवाई: क्या अब बच पाएगा 80 हजार खाताधारकों का पैसा? सरकार ने देर की या अब होगी असली वसूली? – भारत केसरी टीवी

बघाट बैंक पर बड़ी कार्रवाई: क्या अब बच पाएगा 80 हजार खाताधारकों का पैसा? सरकार ने देर की या अब होगी असली वसूली?

[ मदन शर्मा]

Advertisement

सोलन। बघाट अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर सहकारिता विभाग द्वारा की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई ने पूरे प्रदेश में चर्चा छेड़ दी है। बैंक के चेयरमैन अरुण शर्मा , वाइस-चेयरमैन किरण किशोर सहित निदेशक सुंदर सिंह ठाकुर, संजीव कुमार, अमर सिंह, कृष्ण लाल ग्रोवर, कल्पना ठाकुर,गगन चौहान को निलंबित कर तीन सदस्यीय प्रशासक नियुक्त कर दिए गए हैं। लेकिन इस कार्रवाई के साथ सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि जब आरबीआई वर्ष 2017-18 से लगातार बैंक की बिगड़ती हालत को लेकर चेतावनी दे रहा था, तब सरकार और संबंधित विभागों ने समय रहते कठोर कदम क्यों नहीं उठाए?

Advertisement

 

बैंक का ग्रॉस एनपीए 23 प्रतिशत से बढ़कर 45.61 प्रतिशत तक पहुंच गया, नेटवर्थ शून्य से नीचे चली गई और सीआरएआर भी माइनस में पहुंच गया। इसके बावजूद वर्षों तक वही प्रबंधन बैंक चलाता रहा। अब जब स्थिति गंभीर हो चुकी है और लगभग 80 हजार जमाकर्ताओं तथा 11 हजार से अधिक शेयरधारकों का पैसा संकट में है, तब प्रशासनिक हस्तक्षेप किया गया है।

 

क्या सरकार ने बहुत देर कर दी?

 

बैंक से जुड़े कई खाताधारकों और शेयरधारकों का मानना है कि यदि 2018 में आरबीआई द्वारा सुपरवाइजरी एक्शन फ्रेमवर्क (SAF) लागू होने के समय ही कठोर कदम उठाए जाते, तो शायद हालात इतने खराब नहीं होते। सवाल यह भी उठ रहा है कि लगातार चेतावनियों और प्रतिबंधों के बावजूद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

 

बड़ी मछलियां कौन हैं?

 

बैंक की बदहाली के पीछे सबसे बड़ा कारण बढ़ता हुआ एनपीए बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से चर्चा है कि बैंक के करोड़ों रुपये कुछ बड़े डिफॉल्टरों के पास फंसे हुए हैं। जनता के बीच यह धारणा भी बनी हुई है कि इनमें कुछ प्रभावशाली और राजनीतिक पहुंच रखने वाले लोग भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर ऐसे नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

 

यही वजह है कि अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या नए प्रशासक उन बड़े बकायेदारों से वसूली कर पाएंगे, जिनसे पूर्व निदेशक मंडल वर्षों तक पैसा वापस नहीं ला सका।

 

क्या प्रशासक दबाव से मुक्त होकर काम कर पाएंगे?

 

सरकार द्वारा नियुक्त तीन सदस्यीय प्रशासकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बैंक की वित्तीय सेहत सुधारने से पहले फंसे हुए ऋणों की वसूली करना होगी। बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बड़े डिफॉल्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, संपत्ति कुर्की और रिकवरी की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से लागू की जाती है तो बैंक को राहत मिल सकती है।

 

हालांकि जनता के मन में यह सवाल भी है कि क्या प्रशासक राजनीतिक और सामाजिक दबावों से ऊपर उठकर कार्रवाई कर पाएंगे? क्योंकि यदि प्रभावशाली लोगों पर हाथ डालना पड़ा तो यह उनके लिए सबसे कठिन परीक्षा होगी।

 

बैंक को बचाने का रास्ता क्या है?

 

विशेषज्ञों के अनुसार बैंक को संकट से निकालने के लिए केवल बोर्ड बदलना पर्याप्त नहीं होगा। इसके लिए जरूरी है कि:

 

बड़े डिफॉल्टरों की सूची सार्वजनिक की जाए।

 

बकाया ऋणों की आक्रामक रिकवरी की जाए।

 

जिम्मेदार अधिकारियों और पूर्व प्रबंधन की जवाबदेही तय की जाए।

 

बैंक की संपत्तियों और वित्तीय स्थिति का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए।

 

जमाकर्ताओं का विश्वास बहाल करने के लिए स्पष्ट रोडमैप जारी किया जाए।

 

जनता को अब क्या उम्मीद?

 

सोलन और आसपास के क्षेत्रों में बघाट बैंक केवल एक वित्तीय संस्था नहीं बल्कि दशकों पुरानी सहकारी विरासत का प्रतीक रहा है। ऐसे में हजारों परिवारों की मेहनत की कमाई दांव पर लगी हुई है। लोग अब केवल कार्रवाई नहीं बल्कि परिणाम देखना चाहते हैं।

 

आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि सरकार द्वारा नियुक्त प्रशासक वास्तव में बड़े बकायेदारों से पैसा वसूल कर बैंक को पुनर्जीवित कर पाते हैं या फिर यह कार्रवाई भी केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता बनकर रह जाती है। फिलहाल 80 हजार खाताधारकों की निगाहें इसी सवाल पर टिकी हैं—क्या उनका पैसा सुरक्षित वापस मिल जाएगा।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

2027 में कौन होगा हिमाचल का मुख्य मंत्री

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Facebook Instagram Twitter Youtube Whatsapp
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000