दफ्तर में बैठकर भरे जा रहे ई-टेंडर, जयराम का आरोप, बोले, कैग की रिपोर्ट ने बता दी हकीकत – भारत केसरी टीवी

दफ्तर में बैठकर भरे जा रहे ई-टेंडर, जयराम का आरोप, बोले, कैग की रिपोर्ट ने बता दी हकीकत

[MADAN SHARMA]

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नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मानसून सत्र के आखिरी दिन विधानसभा पटल पर रखी गई महालेखा परीक्षक की ऑडिट रिपोर्ट में राज्य सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन की पोल खोल कर रख दी। जयराम ठाकुर ने कहा कि सबसे बड़ा घोटाला सरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों में वस्तुओं, सेवाओं और कार्यों की खरीद व टेंडर प्रक्रिया (ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम) में सामने आया है। यहां एक ही आईपी एड्रेस, यहां तक कि विभागीय आईपी एड्रेस के इस्तेमाल से बोलियां लगाई गईं और उन बोलियों में बहुत मामूली अंतर पाया गया। जो विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। यह रिपोर्ट बता रही है कि मित्र और विभाग के लोग मिलकर विभाग के कार्यालय में ही बैठकर विभाग के संसाधनों का इस्तेमाल करके ई-टेंडर डालते थे और उन्हें हथियाते थे। कैग की ऑडिट रिपोर्ट में हर जगह अनियमितताएं सामने आई हंै।

चाहे ऑनलाइन टेंडरिंग का मामला हो, खरीद में पारदर्शिता का मामला हो या टैक्स वसूली का मामला, सरकार हर जगह नाकाम रही। सरकार की इस नाकामी का खामियाजा प्रदेश को राजस्व के नुकसान के रूप में चुकाना पड़ा। इस खामी के पीछे क्या कारण है? इसे मुख्यमंत्री को प्रदेश के सामने रखना होगा। वित्तीय कुप्रबंधन का आलम यह है कि बिना बजट के भी लगभग 438 करोड़ रुपए खर्च किए गए और बिना खर्च के भी 673 करोड़ की योजनाओं के प्रावधान किए गए।

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