जय राम ठाकुर ने की हमीरपुर की उपेक्षा, डॉ. मनमोहन सिंह ने स्वीकृत किया था हमीरपुर मेडिकल कॉलेज : मुख्यमंत्री सुक्खू – भारत केसरी टीवी

जय राम ठाकुर ने की हमीरपुर की उपेक्षा, डॉ. मनमोहन सिंह ने स्वीकृत किया था हमीरपुर मेडिकल कॉलेज : मुख्यमंत्री सुक्खू

[MADAN SHARMA]

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हमीरपुर ज़िले के नादौन विधानसभा क्षेत्र के मंजहेली और करसाई में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जन समस्याएँ सुनीं और अधिकारियों को इनके त्वरित निपटारे के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मंजहेली में पटवार सर्कल और स्वास्थ्य उपकेंद्र खोलने की घोषणा की। उन्होंने प्रत्येक महिला मंडल को एक लाख रुपये की अनुदान राशि और 100 कुर्सियाँ देने की भी घोषणा की। साथ ही प्रत्येक महिला मंडल भवन के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की गई, जबकि मंजहेली पंचायत में सड़कों को सुदृढ़ करने के लिए 50 लाख रुपये पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को मंजहेली–भुनपाल सड़क की डीपीआर शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए और कांगू स्कूल को सीबीएसई से संबद्ध विद्यालय बनाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में व्यापक सुधार ला रही है। सरकार की दूरदर्शी नीतियों के चलते हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा सूचकांक में 21वें स्थान से बढ़कर 5वें स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि राज्य के अनेक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल अब भी 20 साल पुरानी मशीनों से संचालित हो रहे हैं, जिन्हें आधुनिक उपकरणों से बदला जा रहा है ताकि प्रदेशवासियों को एआईआईएमएस दिल्ली जैसी सुविधाएं मिल सकें।

श्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने स्वीकृत किया था। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर का यह दावा गलत है कि कॉलेज भाजपा सरकार ने स्थापित किया। “पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने केवल शिलान्यास किया, लेकिन कार्य आगे नहीं बढ़ा,” मुख्यमंत्री ने कहा। “डॉ. मनमोहन सिंह ने इस परियोजना के लिए 190 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने अपने संसाधनों से 400 करोड़ रुपये अतिरिक्त जारी कर कॉलेज के निर्माण कार्य को पूरा किया।”

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने हमीरपुर जिले की उपेक्षा की और कहा कि “क्षेत्र से दो विधायक होने के बावजूद उनके कार्यकाल में किसी को भी कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि नादौन में खेल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य का पहला इनडोर स्टेडियम 120 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। इसमें स्विमिंग पूल, शूटिंग रेंज और 17 विभिन्न खेलों की सुविधाएं होंगी। साथ ही फुटबॉल और हॉकी स्टेडियम के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि नादौन में 59 करोड़ रुपये की लागत से राफ्टिंग कॉम्प्लेक्स और 79 करोड़ रुपये की लागत से वेलनेस सेंटर व वाटर पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था सशक्त होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नादौन क्षेत्र की जनता ने 23 वर्षों से उन्हें जो समर्थन दिया है, उसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा, “मैं मंजहेली में पला-बढ़ा हूं और यहां के दोस्तों के साथ खेली गई यादें आज भी ताज़ा हैं। नादौन के विकास में अब कोई देरी नहीं होगी।”

इस अवसर पर सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छोरू के विद्यार्थियों ने अपनी व्यक्तिगत बचत से मुख्यमंत्री राहत कोष हेतु ₹57,000 का चेक भेंट किया। कई प्रतिनिधिमंडलों ने मुख्यमंत्री का स्वागत व सम्मान किया।

मुख्यमंत्री ने करसाई में 2.04 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का शिलान्यास किया। उन्होंने बताया कि प्रारंभ में यह पीएचसी किराए के भवन से संचालित होगा और शीघ्र ही इसमें स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने राष्ट्रीय पदक विजेता अर्नब सैनी, उनके कोच सुखदेव तथा राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले अन्य खिलाड़ियों को सम्मानित किया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। दुग्ध उत्पादन के साथ-साथ सरकार अब प्राकृतिक रूप से उगाई गई हल्दी, गेहूं, मक्का और जौ पर न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान कर रही है। मनरेगा योजना के तहत मजदूरी में भी 80 रुपये की वृद्धि की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने का अपना वादा पूरा किया है। हालांकि इसके बाद केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश पर कई वित्तीय प्रतिबंध लगा दिए हैं।

इस अवसर पर विधायक कैप्टन रंजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में समान विकास हो रहा है। उन्होंने बताया कि सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये के विकास कार्य चल रहे हैं, जबकि पिछली भाजपा सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री ने हमीरपुर आकर जनता की समस्याएँ तक नहीं सुनीं। उन्होंने कहा कि यह हमीरपुर के लिए गर्व की बात है कि मुख्यमंत्री सुक्खू इसी जिले से हैं।

कैप्टन रंजीत सिंह ने कहा कि सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति “शून्य सहनशीलता” की नीति है। उन्होंने कहा कि “जो लोग आज सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, वही हैं जिनकी पिछली सरकार में भ्रष्टाचार की ‘बैकडोर एंट्रियाँ’ बंद कर दी गईं।” उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में “अग्निवीर भर्ती” का मुद्दा उठाया जाएगा और केंद्र सरकार से 15 वर्षों की सेवा व पेंशन सुविधा देने की सिफारिश की जाएगी।

इस अवसर पर पूर्व विधायक कुलदीप सिंह पठानिया, मंजीत डोगरा, कांगड़ा प्राथमिक सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष रामचंद्र पठानिया, हिमाचल प्रदेश ओबीसी वित्त एवं विकास निगम के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन, हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के संयोजक अतुल कारोहटा, एपीएमसी हमीरपुर के अध्यक्ष अजय शर्मा, कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पिंदर वर्मा, सुमन भारती, कैप्टन पृथ्वी चंद, राजीव राणा, पंचायत प्रतिनिधि, उपायुक्त अमरजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक भगत सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


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