कांग्रेस सत्ता का सेमीफाइनल हार चुकी है, अब फाइनल खेलने लायक भी नहीं बची : रणधीर शर्मा – भारत केसरी टीवी

कांग्रेस सत्ता का सेमीफाइनल हार चुकी है, अब फाइनल खेलने लायक भी नहीं बची : रणधीर शर्मा

[MADAN SHARMA]

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जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा, मुख्यमंत्री तुरंत इस्तीफा देकर विधानसभा चुनाव का मार्ग प्रशस्त करें

 

नगर निगमों से जिला परिषद और बीडीसी तक भाजपा की सुनामी, कांग्रेस का प्रदेशभर में हुआ सुपड़ा साफ

 

शिमला 3 जून 2026

 

भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी निकायों के चुनाव परिणामों ने हिमाचल प्रदेश की राजनीति की दिशा और दशा दोनों स्पष्ट कर दी हैं। जनता ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना फैसला सुना दिया है और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में अभूतपूर्व जनादेश देकर यह संकेत दे दिया है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन का समय निकट है।

 

रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार शुरू से इन चुनावों को करवाने से बचती रही। कभी पुनर्गठन का बहाना, कभी रोस्टर का बहाना, कभी डिलिमिटेशन का बहाना और कभी अन्य प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर चुनावों को टालने का प्रयास किया गया। सरकार को पहले से आभास था कि जनता के बीच जाने पर उसे करारी हार का सामना करना पड़ेगा। अंततः न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद चुनाव करवाने पड़े और परिणाम वही आए जिसका अंदेशा कांग्रेस को पहले से था।

 

उन्होंने कहा कि चार नगर निगमों में हुए चुनावों में तीन प्रमुख नगर निगमों मंडी, धर्मशाला और सोलन में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया। नगर परिषदों में 22 में से 12 और नगर पंचायतों में 25 में से 18 स्थानों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज कर कांग्रेस को करारा जवाब दिया है।

 

रणधीर शर्मा ने कहा कि जिला परिषद चुनावों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 250 में से 144 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस मात्र 60 सीटों तक सिमट गई। बिलासपुर में कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल पाई। मुख्यमंत्री के गृह जिले हमीरपुर में कांग्रेस की स्थिति बेहद कमजोर रही। कई जिलों में कांग्रेस एक या दो सीटों तक सीमित होकर रह गई। यह परिणाम कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता के गुस्से और निराशा का प्रमाण है।

 

उन्होंने कहा कि पंचायत समिति (बीडीसी) चुनावों में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन किया है। प्रदेश के 1769 वार्डों में से 1109 वार्डों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस 477 तक सिमट गई। प्रधान और उपप्रधान पदों पर भी 65 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधि भाजपा विचारधारा से जुड़े हुए हैं।

 

रणधीर शर्मा ने कहा कि यह केवल चुनावी जीत नहीं है, बल्कि जनता द्वारा कांग्रेस सरकार के खिलाफ सुनाया गया अविश्वास प्रस्ताव है। जनता ने स्पष्ट कर दिया है कि वह झूठी गारंटियों, खोखले वादों और घोषणाओं की राजनीति से तंग आ चुकी है।

 

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के समय कांग्रेस ने महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह, युवाओं को रोजगार, किसानों को समर्थन मूल्य, मुफ्त बिजली और अनेक गारंटियां दी थीं, लेकिन तीन वर्ष बीतने के बाद भी इनमें से अधिकांश वादे धरातल पर नहीं उतर सके। यही कारण है कि नगर निगम चुनावों में मुख्यमंत्री द्वारा किए गए बड़े-बड़े वादों और घोषणाओं पर भी जनता ने विश्वास नहीं किया।

 

रणधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री आज भी जनादेश को स्वीकार करने की बजाय बहानेबाजी कर रहे हैं। हार की समीक्षा करने के बजाय भाजपा के नेतृत्व पर टिप्पणी करना उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। भाजपा पूरी तरह एकजुट है और प्रदेशभर में कार्यकर्ताओं की मेहनत तथा जनता के आशीर्वाद के कारण यह विजय संभव हुई है।

 

उन्होंने कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आज स्वयं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सरकार के जिम्मेदार लोग हार का कारण आंतरिक कलह और गुटबाजी को बता रहे हैं। कांग्रेस पहले अपना घर संभाले, भाजपा को सलाह देने की आवश्यकता नहीं है।

 

रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान कई स्थानों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को प्रशासनिक दबाव, भय और तकनीकी अड़चनों का सामना करना पड़ा, लेकिन जनता ने इन सभी प्रयासों को विफल कर दिया। इसके बावजूद भाजपा ने रिकॉर्ड जीत हासिल की।

 

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अब नगर निगमों, नगर परिषदों, नगर पंचायतों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव होने हैं। यदि सरकार प्रशासनिक दबाव, प्रलोभन या शक्ति का दुरुपयोग कर जनता के जनादेश को बदलने का प्रयास करती है तो भाजपा इसका लोकतांत्रिक और राजनीतिक स्तर पर पुरजोर विरोध करेगी।

 

रणधीर शर्मा ने कहा कि यह चुनाव हिमाचल की सत्ता का सेमीफाइनल था और कांग्रेस यह सेमीफाइनल बुरी तरह हार चुकी है। अब स्थिति ऐसी है कि कांग्रेस फाइनल खेलने की स्थिति में भी नहीं बची है। जनता ने अपना मन बना लिया है और आने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाना तय कर लिया है।

 

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि जब जनता ने इतने स्पष्ट रूप से सरकार को नकार दिया है तो नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए और विधानसभा चुनावों का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए ताकि प्रदेश को एक नई दिशा और मजबूत नेतृत्व मिल सके।

 

अंत में रणधीर शर्मा ने प्रदेश की जनता, भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं विजयी उम्मीदवारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा जनता के विश्वास को और मजबूत करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।

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