Thakur Sukhvinder Singh Sukhu के नेतृत्व में हिमाचल में बाल पोषण और शिक्षा को नई मजबूती – भारत केसरी टीवी

Thakur Sukhvinder Singh Sukhu के नेतृत्व में हिमाचल में बाल पोषण और शिक्षा को नई मजबूती

[MADAN SHARMA]

Advertisement

 

Advertisement

मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में नौनिहालों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा को प्राथमिकता

Advertisement

सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों से सुदृढ़ हो रही प्रारंभिक बाल देखभाल
मिड-डे मील में पोषण सुधार के लिए किचन गार्डन को बढ़ावा, 5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन

Advertisement

Thakur Sukhvinder Singh Sukhu के दूरदर्शी नेतृत्व में वर्तमान राज्य सरकार ने प्रारंभिक बाल देखभाल और बच्चों के समग्र विकास को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। पोषण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समावेशी विकास को केंद्र में रखते हुए सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हिमाचल प्रदेश का प्रत्येक बच्चा आगे बढ़ने और सफल होने के लिए आवश्यक अवसर और सहयोग प्राप्त करे।

राज्य सरकार ने बाल पोषण और प्रारंभिक विकास को अपनी प्राथमिकताओं में सर्वोच्च स्थान दिया है। संतुलित और पौष्टिक आहार को शारीरिक विकास तथा मानसिक स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य मानते हुए सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य को सुरक्षित करने के प्रयास तेज किए हैं।

प्रदेशभर में संचालित 18,925 आंगनवाड़ी केंद्र समुदाय आधारित देखभाल के मजबूत स्तंभ के रूप में कार्य कर रहे हैं। छह वर्ष तक के बच्चों की वृद्धि की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि कोई भी बच्चा विकास की दौड़ में पीछे न रह जाए। चालू वित्त वर्ष में आंगनवाड़ी सेवाओं के तहत 113 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं, जबकि विशेष पोषण कार्यक्रम के अंतर्गत 1516.09 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।

समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सभी आंगनवाड़ी केंद्रों को “आंगनवाड़ी सह-विद्यालय” घोषित किया गया है। इसका उद्देश्य प्रारंभिक बाल देखभाल को औपचारिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ना है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय संयुक्त समिति गठित की गई है।

राज्य में 1,030 सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें चंबा जिले में 100 केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों के उन्नयन की प्रक्रिया जारी है। जिला कार्यक्रम अधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है, जो आगे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे।

मुख्यमंत्री ने “मुख्यमंत्री बाल पोषण आहार योजना” भी प्रारंभ की है, जिसके तहत 15,181 सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत 5.34 लाख विद्यार्थियों को पौष्टिक और संतुलित भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल इस विश्वास को सुदृढ़ करती है कि भूख मुक्त वातावरण में ही शिक्षा फलती-फूलती है।

इसके साथ ही 14,464 विद्यालयों में “किचन गार्डन” अभियान सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है। इन उद्यानों में उगाई गई ताजा सब्जियां मिड-डे मील में शामिल की जाती हैं। सीमित स्थान वाले विद्यालयों में भी गमलों और कंटेनरों में सब्जियां उगाकर नवाचार का परिचय दिया गया है।

21,115 मिड-डे मील कार्यकर्ताओं की सेवाओं को सम्मान देते हुए उनके मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि कर इसे 5,000 रुपये प्रतिमाह किया गया है।

World Health Organization के अनुसार उचित पोषण बेहतर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली और दीर्घायु जीवन के लिए आधारभूत तत्व है। हिमाचल प्रदेश सरकार की पहलें इसी वैश्विक दृष्टिकोण के अनुरूप हैं।

स्वस्थ बच्चे बेहतर सीखते हैं, बड़े सपने देखते हैं और समाज के सशक्त नागरिक बनते हैं। सतत निवेश, सुविचारित योजना और संवेदनशील नेतृत्व के माध्यम से राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि पौष्टिक भोजन प्रत्येक बच्चे का अधिकार बने।

हिमाचल प्रदेश अपने नौनिहालों के स्वास्थ्य और भविष्य को सुरक्षित कर एक स्वस्थ, समृद्ध और उज्ज्वल राज्य की नींव रख रहा है।

 

 

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

2027 में कौन होगा हिमाचल का मुख्य मंत्री

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Facebook Instagram Twitter Youtube Whatsapp
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000