Sukhvinder Singh Sukhu का बड़ा बजट विजन: ग्रामीण अर्थव्यवस्था बनेगी विकास की धुरी, किसानों को MSP और दूध के दाम में बड़ी बढ़ोतरी – भारत केसरी टीवी

Sukhvinder Singh Sukhu का बड़ा बजट विजन: ग्रामीण अर्थव्यवस्था बनेगी विकास की धुरी, किसानों को MSP और दूध के दाम में बड़ी बढ़ोतरी

[MADAN SHARMA]

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Himachal News: ग्रामीण अर्थव्यवस्था में विकास की धुरी बनेगा बजट, CM बोले, प्रदेश….पढ़ें खबर

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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य की आर्थिक दिशा को नई पहचान देने के उद्देश्य से वर्ष 2026-27 के बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को विकास की धुरी के रूप में स्थापित किया है। व्यवस्था परिवर्तन पर केंद्रित यह बजट गांव को समृद्धि का प्रमुख केंद्र बनाने में सहायक सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को वर्ष 2030 तक आत्मनिर्भर बनाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वास्तविक प्रगति उस अंतिम व्यक्ति की समृद्धि से मापी जाती है, जो कतार में सबसे पीछे खड़ा होता है। इस दृष्टिकोण के तहत सरकार केवल अनुदान नहीं दे रही, बल्कि ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र तैयार कर रही है, जहां ग्रामीण युवा कृषि और डेयरी को सम्मानजनक एवं लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था परिवर्तन की इस पहल का केंद्र दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में ऐतिहासिक वृद्धि है। सरकार ने गाय के दूध की खरीद मूल्य को 51 रुपए से बढ़ाकर 61 रुपए प्रति लीटर तथा भैंस के दूध का मूल्य 61 रुपए से बढ़ाकर 71 रुपए प्रति लीटर किया है।

इसके साथ ही उच्च गुणवत्ता वाली देशी नस्ल की गाय को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने ए-2 दूध के लिए 100 रुपए प्रति लीटर का विशेष मूल्य निर्धारित किया है। किसानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने के लिए प्रोत्साहन राशि को तीन रुपए से बढ़ाकर छह रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके की यह राशि सीधे किसानों के खाते में पहुंच सके। किसानों को बाजार की अस्थिरता से बचाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 60 रुपए से बढ़ाकर 80 रुपए प्रति किलोग्राम, मक्की का समर्थन मूल्य 40 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए प्रति किलोग्राम तथा कच्ची हल्दी का समर्थन मूल्य 90 रुपए से बढ़ाकर 150 रुपए प्रति किलोग्राम किया गया है। इसके अतिरिक्त पहली बार अदरक के लिए 30 रुपए प्रति किलोग्राम का समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। किसानों की आवाज को नीति-निर्माण में शामिल करने के लिए राज्य किसान आयोग के गठन की भी घोषणा की गई है।

वित्तीय चुनौतियों के बीच अनुकरणीय पहल

मुख्यमंत्री ने वित्तीय चुनौतियों के बीच अनुकरणीय पहल करते हुए अपनी 50 प्रतिशत वेतन राशि अगले छह महीनों तक स्थगित करने का निर्णय लिया है। मंत्रियों और विधायकों ने भी क्रमश 30 प्रतिशत और 20 प्रतिशत वेतन स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही सामाजिक कल्याण के तहत मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना के माध्यम से राज्य के एक लाख जरूरतमंद परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और स्थायी आवास प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व में प्रदेश आर्थिक अनुशासन और सामाजिक संवेदनशीलता के संतुलन के साथ एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध ग्रामीण राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

 

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