RDG की आड़ में भाजपा ने लूटा प्रदेश का खजाना, विकास के बजाय की फिजूलखर्ची : मुख्यमंत्री सुक्खू – भारत केसरी टीवी

RDG की आड़ में भाजपा ने लूटा प्रदेश का खजाना, विकास के बजाय की फिजूलखर्ची : मुख्यमंत्री सुक्खू

[MADAN SHARMA]

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज जारी एक कड़े बयान में पूर्व भाजपा सरकार पर राज्य के खजाने को लूटने और विकास व आवश्यक बुनियादी ढांचे में निवेश करने के बजाय फिजूलखर्ची करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) समाप्त किए जाने पर भाजपा द्वारा दिए जा रहे बचाव को सवालों के घेरे में रखते हुए कहा कि भाजपा सरकार को अपने कार्यकाल में RDG के तहत भारी भरकम 54,296 करोड़ रुपये मिले।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अनुदान राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियों का लगभग 25 से 30 प्रतिशत था। इसके साथ ही केंद्र सरकार से लगभग 16,000 करोड़ रुपये का जीएसटी मुआवजा भी मिला, जिसे राज्य की दीर्घकालिक वित्तीय सेहत सुधारने के बजाय राजनीतिक स्थिरता और मुफ्त घोषणाओं (फ्रीबीज़) पर खर्च किया गया।

उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार को पांच वर्षों में कुल 54,296 करोड़ रुपये का RDG मिला, जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार को पिछले तीन वर्षों में केवल 17,563 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं, जो कि पिछली सरकार को मिले अनुदान का लगभग आधा है।

मुख्यमंत्री ने विवरण देते हुए कहा कि भाजपा को 2018-19 में 14वें वित्त आयोग के तहत 8,449 करोड़ रुपये, 2019-20 में 8,271 करोड़ रुपये, 2020-21 में 8,062 करोड़ रुपये, इसके अलावा 11,431 करोड़ रुपये अंतरिम अनुदान के रूप में, 2021-22 में 7,834 करोड़ रुपये तथा 2022-23 में 15वें वित्त आयोग के तहत 10,249 करोड़ रुपये मिले। इस प्रकार कुल राशि 54,296 करोड़ रुपये रही।

वहीं वर्तमान कांग्रेस सरकार को 2023-24 में 8,058 करोड़ रुपये, 2024-25 में 6,258 करोड़ रुपये तथा 2025-26 में 3,257 करोड़ रुपये मिले, जो कुल मिलाकर 17,563 करोड़ रुपये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी राशि मिलने के बावजूद भाजपा सरकार कर्मचारियों के बकाया भुगतान और महंगाई भत्ते (DA) की घोषणा करने में विफल रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में पर्याप्त निवेश नहीं किया, जबकि वर्तमान सरकार इस क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए 3,000 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य आधुनिकीकरण योजना और जICA फेज़-2 के तहत 1,300 करोड़ रुपये अतिरिक्त निवेश कर रही है।

दिसंबर 2022 में विरासत में मिली वित्तीय स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल के अंत तक राज्य पर कुल कर्ज बढ़कर लगभग 76,185 करोड़ रुपये हो गया था, जो मात्र पांच वर्षों में करीब 28,000 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्शाता है। इसके अलावा संशोधित वेतनमान और डीए के रूप में लगभग 10,000 करोड़ रुपये की देनदारी बिना किसी बजटीय प्रावधान के छोड़ दी गई।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम छह महीनों में 900 से अधिक संस्थान खोल दिए, जिससे राज्य पर हर वर्ष लगभग 5,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बिना वित्तीय प्रावधान वाला बोझ पड़ा। प्रदेश को आर्थिक संकट से बचाने के लिए वर्तमान सरकार को इनमें से कई संस्थानों को डीनोटिफाई करना पड़ा।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर भाजपा का वर्तमान शोर मचाना पूरी तरह पाखंड है, क्योंकि उन्होंने ही प्रदेश के खजाने को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार आईजीएमसी में रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं शुरू कर रही है और बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर शुरू करने पर भी विचार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा नेताओं को रविवार को राज्य की वित्तीय स्थिति पर दी गई प्रस्तुति में व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे राज्य की वित्तीय सेहत और प्रदेशवासियों के हितों पर ध्यान देने के बजाय केवल कार्यक्रमों में होने को प्राथमिकता दे रहे

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