OPS जारी रहेगी, बिजली बोर्ड का नहीं होगा निजीकरण: सीएम सुक्खू का बड़ा ऐलान – भारत केसरी टीवी

OPS जारी रहेगी, बिजली बोर्ड का नहीं होगा निजीकरण: सीएम सुक्खू का बड़ा ऐलान

[ MADAN SHARMA]

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*जारी रहेगी OPS, बिजली बोर्ड को भी करेंगे मजबूत*

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राजस्व घाटा अनुदान के मुद्दे पर प्रदेश सरकार की ओर से नियम 102 के तहत लाए गए संकल्प प्रस्ताव की चर्चा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि तीन वर्ष में 17 हजार करोड़ की आरडीजी मिलने के बाद भी सरकार आत्मनिर्भर बनने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों को ओपीएस भी देगी और बिजली बोर्ड का निजीकरण नहीं, बल्कि इसको मजबूत करेंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार हिमकेयर के साथ-साथ सहारा योजना को भी चलाएगी। मुख्यमंत्री राजस्व घाटा अनुदान को बहाल करवाने के लिए संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान की ओर से लाए गए संकल्प प्रस्ताव के जवाब में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि खुद ही तय करें कि अच्छा वित्त मंत्री कौन है, 70 हजार करोड़ को लुटाने वाले या फिर 17 हजार करोड़ में प्रदेश चलाने वाला। सीएम ने कहा कि 17 हजार करोड़ में सरकार चला रहे हैं और हम आत्मनिर्भर राज्य की कहानी लिख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा 10 की चीज भी 50-100 रुपए में खरीदी गई। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष झूठ बोल रहे हैं कि सरकार ने सीपीएस को बचाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपए लगा दिए। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष एडवोकेट जरनल की फौज खड़ी करने की बात कर रहे हैं, जबकि अपने समय में उन्होंने 69 लगा दिए थे।

उन्होंने कहा कि सरकार ने एडीजी और एडवोकेट जनरल काम में लगाए और कागज एकत्रित किए और 401 करोड़ वाइल्ड फ्लावर हाल का लेने में कामयाब हुए, वहीं जेएसडब्लयू मामले में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी और 18 प्रतिशत की रायल्टी ली, जबकि शराब ठेकों की नालामी के जरिए भी राजस्व एकत्रित किया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष कह रहे है कि प्रदेश सरकार ने सीपीएस की फौज खड़ी कर दी, जबकि भाजपा सरकार में ओएसडी लगाए गए और दो नेताओं को प्रिंसीपल सेक्रेटरी का स्केल दिया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1150 करोड़ की राशि की देनदारियां जल जीवन मिशन की हंै। उन्होंने कहा कि सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल का कार्यक्रम मंडी में हुआ, जश्र नहीं मनाया, बल्कि नेता प्रतिपक्ष के क्षेत्र में आपदा से काल का ग्रास बने लोगों के वारिसों को मुआवजा दिया और घर बनाने के लिए आठ-आठ लाख की राशि दी।

सिर के बाल उड़ रहे हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष प्रदेश हित की बात अभी भी नहीं कह पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष कह रहे हैं कि सिर के बाल उड़ गए, तो इसमें मेरा क्या कसूर। उन्होंने कहा कि जब आप सीएम बने, तो आपको प्रदेश की चिंता नहीं थी और हमारे बाल इसलिए गए कि हम सोच-विचार कर आगे बढ़ रहे हैं।

सदन में गूंजा आरडीजी पर ‘दिव्य हिमाचल’ का सर्वे

शिमला — विधानसभा बजट सत्र के पहले दिन दिव्य हिमाचल की गूंज हिमाचल विधानसभा में भी सुनाई दी। संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन ने आरडीजी पर संकल्प प्रस्ताव रखते हुए कहा कि दिव्य हिमाचल ने प्रदेश के लोगों में एक सर्वे करवाया कि आरडीजी पर लोग क्या सोचते हैं? जवाब में लोगों ने सरकार और मुख्यमंत्री की रणनीति और स्टैंड को सही बताया है। विपक्ष को भी लोगों की बात सुननी चाहिए। दिव्य हिमाचल हर सप्ताह ताजा घटनाक्रम पर एक सर्वे करता है। इस सप्ताह हुए सर्वे में राजस्व घाटा अनुदान बंद होने पर राज्य सरकार के स्टैंड का 57 फ़ीसदी लोगों ने समर्थन किया है।

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