वित्त आयोग के आकलन पर सवाल, प्रधान वित्त सचिव बोले– आय-व्यय का सही मूल्यांकन न होने से हिमाचल को भारी नुकसान – भारत केसरी टीवी

वित्त आयोग के आकलन पर सवाल, प्रधान वित्त सचिव बोले– आय-व्यय का सही मूल्यांकन न होने से हिमाचल को भारी नुकसान

[MADAN SHARMA]

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फाइनांस सेके्रटरी देवेश कुमार ने बताया कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार वित्त आयोग राज्यों की राजस्व और व्यय का आकलन करता है। वर्ष 2021 से 2026 के लिए राज्य की आय 90,760 करोड़ रुपए और व्यय 1,70,930 करोड़ रुपए आंका गया था। 80,170 करोड़ रुपए के घाटे की पूर्ति 35,064 करोड़ रुपए टैक्स डिवॉल्यूशन, 37,199 करोड़ रुपए आरडीजी और 9,714 करोड़ रुपए अन्य अनुदानों से की गई।

16वें वित्त आयोग ने किसी भी राज्य की आय और व्यय का अलग से आकलन नहीं किया। कैबिनेट मीटिंग के बाद राज्य के वित्त सचिव देवेश कुमार ने आरडीजी बंद होने से प्रदेश को होने वाले नुकसान पर प्रेजेंटेशन के जरिए विस्तृत रिपोर्ट पेश की।

वहीं, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार की प्रेजेंटेशन के बाद उद्योग और संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने कहा कि प्रेजेंटेशन का मतलब यह नहीं है कि डीए-एरियर सरकार ने बंद कर दिया। ऐसा कोई फैसला अभी तक नहीं लिया गया है। राज्य सरकार जनहित को देखते हुए निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद होना सबका नुकसान है। भाजपा को इसे राजनीति की नजर से नहीं देखना चाहिए।

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