LR Group of Institutes में ‘युवा मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति’ पर सशक्त पैनल चर्चा, विशेषज्ञों ने दिया जागरूकता का संदेश – भारत केसरी टीवी

LR Group of Institutes में ‘युवा मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति’ पर सशक्त पैनल चर्चा, विशेषज्ञों ने दिया जागरूकता का संदेश

[MADAN SHARMA]

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एलआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स में “युवा मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति” पर सशक्त पैनल चर्चा

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सोलन, 28 फरवरी, 2026:
एलआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स, सोलन में “The Invisible Chain: Navigating Mental Health & Addiction in Youth” विषय पर एक प्रभावशाली एवं विचारोत्तेजक पैनल चर्चा का आयोजन संस्थान के ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य एवं नशे की बढ़ती प्रवृत्ति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना तथा खुला संवाद स्थापित करना था।

यह आयोजन एलएलआर एजुकेशनल ट्रस्ट की प्रबंध निदेशक सुश्री शचि सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। पैनल चर्चा में माननीय कुलपति डॉ. रवि चंद शर्मा (एमएमयू, सोलन), डॉ. के.के शर्मा (Vice Chancellor, वाई.एस. परमार विश्वविद्यालय), श्री अनिल शर्मा (SDPO, जिला सोलन), बी.के. बबीता (प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय) एवं सुश्री शचि सिंह ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में अपने सारगर्भित विचार साझा किए।

डॉ. रवि चंद शर्मा ने अकादमिक दबाव, सोशल मीडिया के प्रभाव एवं छात्रों के मानसिक संतुलन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि संतुलित एवं सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण होना चाहिए।

श्री अनिल शर्मा ने युवाओं में नशे के प्रारंभिक संकेतों, साथियों के दबाव एवं कानूनी जागरूकता के महत्व पर विस्तार से चर्चा की तथा विद्यार्थियों को सचेत, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।

डॉ. के.के शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि एक उत्तम शिक्षा (Quality Education) के साथ-साथ ध्यान और आध्यात्मिक पक्ष भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा हमें हमारे लक्ष्य तक पहुँचने का मार्ग दिखाती है, परंतु सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता हमें एक बेहतर इंसान बनाती है। यह संतुलन आंतरिक जागरूकता, आत्मचिंतन और सकारात्मक सोच से ही संभव है।

बीके बबीता ने तनाव प्रबंधन , ध्यान एवं आत्म-अन्वेषण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आंतरिक शांति और आध्यात्मिक जागरूकता युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है।
इस अवसर पर HOD श्री गुलशन, डॉ. सुरेश चौहान, श्री निशांत (HOD), डॉ. अवनीत गुप्ता, डॉ. कंचन बाला जसवाल एवं डॉ. श्वेता संधू सहित अन्य प्राध्यापकों एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रबंध निदेशक सुश्री शचि सिंह ने कहा,
“युवा हमारे राष्ट्र की शक्ति और भविष्य हैं। मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति जैसे विषयों पर खुली चर्चा समय की मांग है। हमारा संस्थान विद्यार्थियों को सुरक्षित, सहयोगात्मक एवं मूल्य-आधारित वातावरण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”

इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विशेषज्ञों से प्रश्नोत्तर के माध्यम से सार्थक संवाद स्थापित किया। कार्यक्रम का समापन “High on Life, Not on Drugs” के प्रेरक संदेश के साथ हुआ, जिसने सभी को सकारात्मक एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।

यह पहल युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, नशा मुक्ति एवं उत्तरदायी जीवन दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई।

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