अहिल्याबाई की उपलब्धियाँ भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित हैं : टंडन – भारत केसरी टीवी

अहिल्याबाई की उपलब्धियाँ भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित हैं : टंडन

शिमला सोलन ब्यूरो सुभाष शर्मा 29/05/25

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सोलन, भाजपा प्रदेश प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन ने मुरारी मार्केट में अहिल्याबाई होलकर की 300 वी जन्म शताब्दी के अवसर पर महिला मोर्चा भाजपा जिला सोलन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में भाग लिया। उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल, प्रदेश उपाध्यक्षा रश्मिधार सूद, प्रदेश महामंत्री बिहारी लाल शर्मा, पूर्व मंत्री राजीव सहजल, प्रत्याशी राजेश, पूर्व विधायक के एक ठाकुर, गोविंद राम शर्मा, लखविंदर राणा, पुरुषोत्तम गुलेरिया, जिला अध्यक्ष रतन पाल सिंह, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्षा वंदना योगी और मंडल अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहें। कार्यक्रम में अध्यक्षता प्रियंका अग्रवाल जिला महामंत्री महिला मोर्चा द्वारा की गई।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संजय टंडन ने कहा महान शासक, समाज सुधारक और धर्मनिष्ठ रानी अहिल्याबाई होलकर (31 मई 1725 – 13 अगस्त 1795) की उपलब्धियाँ भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित हैं। मालवा साम्राज्य की रानी के रूप में, उन्होंने अपने कुशल शासन, समाज कल्याण और धार्मिक कार्यों के माध्यम से एक अमिट छाप छोड़ी। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम उनकी प्रमुख उपलब्धियों को याद करते हैं।

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कुशल शासन और प्रशासन
टंडन ने कहा कि अहिल्याबाई ने 1767 से 1795 तक मालवा साम्राज्य पर शासन किया। उनके शासनकाल में मालवा ने अभूतपूर्व समृद्धि और स्थिरता देखी। उन्होंने न्यायपूर्ण प्रशासन, व्यापार और कृषि को बढ़ावा दिया, जिससे प्रजा सुखी और समृद्ध रही।

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होलकर ने समाज सुधार और कल्याण के बड़े काम किए : टंडन
उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई ने सामाजिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने विधवाओं और वंचितों के उत्थान के लिए कई कदम उठाए। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विकास में उनका योगदान उल्लेखनीय है।
होलकर का धार्मिक और सांस्कृतिक में भी बड़ा योगदान रहा, अहिल्याबाई ने देशभर में मंदिरों, धर्मशालाओं, कुओं, तालाबों और घाटों का निर्माण करवाया। काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार और अन्य धार्मिक स्थलों का विकास उनके धार्मिक समर्पण का प्रतीक है। उनकी सहिष्णुता और सभी धर्मों के प्रति सम्मान ने उन्हें जन-जन की प्रिय शासक बनाया।

होलकर महिला सशक्तिकरण की प्रेरणा है : बिंदल

प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि एक महिला शासक के रूप में, अहिल्याबाई ने यह सिद्ध किया कि नेतृत्व और साहस में लिंग कोई बाधा नहीं है। उनकी बुद्धिमत्ता, साहस और दृढ़ता आज भी लाखों लोगों, विशेषकर महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। सैन्य और कूटनीतिक कौशल, अहिल्याबाई ने अपने शासनकाल में मालवा को आंतरिक और बाह्य खतरों से सुरक्षित रखा। उनकी कूटनीतिक नीतियों और सैन्य रणनीतियों ने साम्राज्य को मजबूत किया।अहिल्याबाई होलकर का जीवन और उनकी उपलब्धियाँ हमें यह सिखाती हैं कि सच्चा नेतृत्व जनसेवा और नैतिकता के आधार पर ही संभव है।

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