राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए बेहतर माहौल बनाने पर दिया जोर – भारत केसरी टीवी

राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए बेहतर माहौल बनाने पर दिया जोर

[ MADAN SHARMA]

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शिमला,  कविंदर गुप्ता ने महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए सरकार, उद्योग, वित्तीय संस्थानों और उद्यमिता मंचों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की उद्यमिता समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

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राज्यपाल कविंदर गुप्ता और लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता ने आज चंडीगढ़ में आयोजित ‘देसी क्रेविंग्स-हरियाणा वूमेन फूड एंटरप्रेन्योर्स स्पेशल’ कार्यक्रम का दौरा किया। यह कार्यक्रम नीति आयोग के वुमन एंटरप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म (WEP) के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा की चयनित 50 महिला खाद्य उद्यमियों ने अपने उत्पादों और उद्यमिता की यात्रा को प्रदर्शित किया।

 

महिला उद्यमियों से बातचीत के दौरान राज्यपाल ने उनके प्रयासों, रचनात्मकता और दृढ़ संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन महिलाओं को अपने व्यवसाय को व्यापक बाजारों तक पहुंचाने और खरीदारों, मार्गदर्शकों तथा उद्योग जगत के लोगों से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।

 

उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल विकास की लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि आर्थिक विकास और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण भागीदार हैं। महिलाओं को स्वरोजगार से आगे बढ़कर टिकाऊ उद्यम स्थापित करने, रोजगार पैदा करने और स्थानीय व राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

 

राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी उल्लेख किया। इनमें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, पीएमईजीपी, डे-एनआरएलएम, लखपति दीदी, नमो ड्रोन दीदी और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाएं शामिल हैं।

 

उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 तक 3.46 करोड़ से अधिक स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों को लखपति दीदी बनने में सक्षम बनाया गया है, जबकि पीएम मुद्रा योजना के तहत अब तक स्वीकृत कुल ऋणों में करीब दो-तिहाई ऋण महिला उद्यमियों को मिले हैं।

 

राज्यपाल ने युवाओं की सोच में बदलाव की जरूरत बताते हुए कहा कि युवा केवल सरकारी या निजी नौकरी पाने तक अपनी आकांक्षाएं सीमित न रखें। उन्होंने युवाओं से नौकरी मांगने वालों के बजाय नौकरी देने वाला बनने का आह्वान किया।

 

उन्होंने कहा कि महिलाओं को तकनीक, ब्रांडिंग, कौशल विकास, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने के लिए मजबूत सहयोग तंत्र विकसित किया जाना चाहिए। ‘देसी क्रेविंग्स’ जैसे आयोजन यह दिखाते हैं कि पारंपरिक हुनर, स्थानीय उत्पाद और खान-पान की विरासत को उचित सहयोग और बाजार मिलने पर सफल व्यवसाय में बदला जा सकता है।

 

कार्यक्रम में नीति आयोग की अन्ना रॉय सहित अशोक मित्तल, विजय शर्मा और शिल्पा सप्रा समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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