शूलिनी यूनिवर्सिटी में नेशनल क्वांटम ट्रेनिंग प्रोग्राम, 5 देशों के 188 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा – भारत केसरी टीवी

शूलिनी यूनिवर्सिटी में नेशनल क्वांटम ट्रेनिंग प्रोग्राम, 5 देशों के 188 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

[मदन शर्मा ]

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शूलिनी और C-DAC द्वारा  नेशनल क्वांटम ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित
सोलन,
शूलिनी यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट रिसर्च काउंसिल (SRC) और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC), बैंगलोर द्वारा ऑनलाइन आयोजित सात-दिवसीय नेशनल क्वांटम ट्रेनिंग प्रोग्राम (NQTP) 2026 में भारत और चार अन्य देशों के कुल 188 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें से 116 ने ट्रेनिंग पूरी की और 89 ने मेरिट सर्टिफिकेट हासिल किए।
प्रतिभागियों ने भारत के छह राज्यों के साथ-साथ अमेरिका, यूके, UAE और सिंगापुर के 68 संगठनों का प्रतिनिधित्व किया। C-DAC बैंगलोर और SRC ने संयुक्त रूप से उन प्रतिभागियों को मेरिट सर्टिफिकेट दिए जिन्होंने मूल्यांकन के मानदंडों को पूरा किया।
इस प्रोग्राम में क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम मशीन लर्निंग, क्वांटम क्रिप्टोग्राफी, क्वांटम एरर करेक्शन, क्वांटम एल्गोरिदम और क्वांटम फोटोनिक्स पर एक्सपर्ट सेशन शामिल थे। प्रतिभागियों ने C-DAC बैंगलोर द्वारा विकसित भारत के स्वदेशी क्वांटम कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म ‘Qniverse’ का उपयोग करके प्रैक्टिकल एक्सरसाइज भी पूरी कीं।
शूलिनी यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर प्रो. अतुल खोसला ने कहा कि यह प्रोग्राम क्वांटम टेक्नोलॉजी में विशेषज्ञता विकसित करने और एकेडमिक व सरकारी संस्थानों के बीच सहयोग के माध्यम से भारत के नेशनल क्वांटम मिशन में योगदान देने के यूनिवर्सिटी के प्रयासों को दर्शाता है।
शूलिनी यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट और डायरेक्टर इनोवेशन, प्रो. आशीष खोसला ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग का संगम रिसर्च और प्रैक्टिकल एप्लीकेशन के लिए नई संभावनाएं पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि C-DAC के साथ सहयोग से शूलिनी यूनिवर्सिटी को भारत के उभरते क्वांटम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में योगदान करने में मदद मिलेगी।
C-DAC बैंगलोर के साइंटिस्ट F और एसोसिएट डायरेक्टर,  हेनरी सुकुमार ने प्रोग्राम आयोजित करने के लिए स्टूडेंट रिसर्च काउंसिल की सराहना की और इसे बड़े पैमाने पर संस्थागत सहयोग का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस साल के आखिर में नेशनल क्वांटम इंफॉर्मेटिक्स प्रोग्राम के माध्यम से इस साझेदारी का विस्तार किया जाएगा।
स्टूडेंट रिसर्च काउंसिल ने अपने मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पंकज वैद्य और फाउंडर अनित्य गुप्ता के नेतृत्व में इस प्रोग्राम की रूपरेखा तैयार की और इसे आयोजित किया। शूलिनी यूनिवर्सिटी, C-DAC बैंगलोर, DigiTod और qBraid ने दिसंबर 2026 में ‘नेशनल क्वांटम इंफॉर्मेटिक्स प्रोग्राम’ शुरू करने की योजना की भी घोषणा की। शूलिनी यूनिवर्सिटी में क्वांटम कंप्यूटिंग में ‘सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस’ स्थापित करने के लिए बातचीत चल रही है, जो उत्तर भारत में क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में रिसर्च, इनोवेशन और एडवांस्ड ट्रेनिंग में मदद करेगा।
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