पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से ध्यान भटकाने के लिए दुष्प्रचार कर रही भाजपा : जगत सिंह नेगी – भारत केसरी टीवी

पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से ध्यान भटकाने के लिए दुष्प्रचार कर रही भाजपा : जगत सिंह नेगी

[मदन शर्मा]

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पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से ध्यान भटकाने के लिए दुष्प्रचार कर रही भाजपा : राजस्व मंत्री

• भाजपा छह विधानसभा उपचुनाव सीटें हारी, तब जयराम ठाकुर ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया?
• पंचायत चुनाव परिणामों का झूठा श्रेय लेने की कोशिश कर रही भाजपा, जनता ने पार्टी को नकारा
• चंबा नगर परिषद में 10 वर्ष बाद और चुवाड़ी नगर पंचायत में 15 वर्ष बाद कांग्रेस ने अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पदों पर दर्ज की जीत

राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री Jagat Singh Negi ने आज यहां आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कहा कि भाजपा नेता हाल ही में हुए पंचायत चुनावों में झूठी जीत का दावा कर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में लोग महंगाई को लेकर भाजपा से जवाब मांग रहे हैं। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडर की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता लोगों को सोना-चांदी जैसी वस्तुएं खरीदने से बचने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की बढ़ती कीमतों पर मौन हैं।

जगत सिंह नेगी ने कहा कि भाजपा पंचायत चुनाव परिणामों को अपनी जीत बताकर लोगों का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाने का प्रयास कर रही है, जबकि जनता ने राज्यभर में भाजपा को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव किसी राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह पर नहीं लड़े जाते। उन्होंने दावा किया कि राज्य की 3,754 पंचायतों में से लगभग 2,400 प्रधान और 2,600 उपप्रधान कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार निर्वाचित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि शहरी निकाय चुनावों में भी कांग्रेस को व्यापक जनसमर्थन मिला है। राज्य के 53 शहरी निकायों में से 29 में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे। विशेष रूप से कांगड़ा जिले के सभी छह शहरी निकायों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, जबकि भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली। उन्होंने कहा कि मंडी जिले में भी भाजपा को करारा झटका लगा है। ऐसे में भाजपा किस आधार पर अपनी जीत का दावा कर रही है, यह समझ से परे है।

राजस्व मंत्री ने कहा कि पंचायत चुनाव आमतौर पर उम्मीदवार की व्यक्तिगत लोकप्रियता, स्थानीय मुद्दों और क्षेत्रीय परिस्थितियों के आधार पर लड़े जाते हैं, न कि राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्हों पर। इसके बावजूद भाजपा इन परिणामों को राजनीतिक रंग देकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने इन चुनावों को भविष्य के चुनावों का ‘सेमीफाइनल’ बताए जाने के दावे को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह न तो सेमीफाइनल था और न ही क्वार्टर फाइनल। विधानसभा उपचुनावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब भाजपा ने धनबल के माध्यम से लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई राज्य सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया था, तब जनता ने उसे जवाब दिया और पार्टी नौ में से छह सीटें हार गई। उन्होंने प्रश्न उठाया कि उस समय विपक्ष के नेता Jai Ram Thakur ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया।

जगत सिंह नेगी ने कहा कि भाजपा पंचायत चुनाव परिणामों को लगातार चर्चा में रखकर राज्य और देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों से जनता का ध्यान हटाना चाहती है। उन्होंने कहा कि पंचायतों में महिलाओं, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण की व्यवस्था पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi और कांग्रेस पार्टी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। इससे लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हुई हैं और विकास प्रक्रिया में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हुई है।

उन्होंने कहा कि भाजपा को चुनावी दावों के बजाय आम लोगों और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों का पंचायत स्तर पर विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं।

राजस्व मंत्री ने कहा कि मनरेगा के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध न होने से पंचायतों के पास विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कमी हो जाएगी। यदि पंचायतों को पर्याप्त वित्तीय सहायता नहीं मिली तो नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए विकास कार्यों को गति देना कठिन होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के विकास, रोजगार सृजन और जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि भाजपा को इन गंभीर मुद्दों पर अपना स्पष्ट रुख जनता के सामने रखना चाहिए, क्योंकि पंचायतों के प्रभावी संचालन और ग्रामीण विकास के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन अत्यंत आवश्यक हैं।

चंबा और चुवाड़ी शहरी निकायों में कांग्रेस की वापसी

राजस्व मंत्री ने कहा कि चंबा जिले में हुए शहरी निकाय चुनावों में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि 10 वर्षों बाद चंबा नगर परिषद में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर जीत दर्ज की है। इसी प्रकार 15 वर्षों बाद चुवाड़ी नगर पंचायत में भी कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने दोनों शीर्ष पदों पर विजय हासिल की है।

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