Himachal Day: रिज मैदान में धूमधाम से समारोह, उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri ने की अध्यक्षता – भारत केसरी टीवी

Himachal Day: रिज मैदान में धूमधाम से समारोह, उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri ने की अध्यक्षता

[मदन शर्मा ]

Advertisement

 

Advertisement

 

Advertisement

 

Advertisement

शिमला 15 अप्रैल, 2026

ऐतिहासिक रिज मैदान पर हर्षोल्लास के साथ मनाया हिमाचल दिवस समारोह

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने की जिला स्तरीय समारोह की अध्यक्षता

हिमाचल दिवस के अवसर पर आज यहां ऐतिहासिक रिज मैदान पर जिला स्तरीय कार्यक्रम बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश मुकेश अग्निहोत्री ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल, 1948 को हिमाचल प्रदेश का गठन हुआ और आज हम इसकी 78वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यह दिन हम सभी के लिए ऐतिहासिक है। देश की आजादी के 8 महीनों के बाद सन् 1948 को आज ही के दिन हमारा खूबसूरत प्रदेश 30 छोटी-बड़ी पहाड़ी रियासतों के विलय से वजूद में आया। हिमाचल को एक अलग राज्य के रूप में स्थापित करने में उस समय के नेतृत्व, प्रजामंडल आंदोलन के नायकों, आंदोलनकारियों और हिमाचलवासियों ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन सभी महान विभूतियों के प्रति सम्मान करते हैं जिन्होंने हिमाचल के गठन में बहुमूल्य योगदान दिया। उन्हीं के प्रयासों से हिमाचल ने विकास के उच्च आदर्श स्थापित किए हैं और देश-विदेश में अपनी एक खास पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में खराब आर्थिक नीतियों के कारण हमारा प्रदेश आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। हमारी सरकार को 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज तथा कर्मचारियों की देनदारियों के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ का कर्ज विरासत में मिला। खराब वित्तीय प्रबंधन के कारण आज हिमाचल को कर्ज का मूल और ब्याज चुकाने के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है। हमने 25 हजार करोड़ के कर्ज की वापसी की है। इस स्थिति से उबरने के लिए हमने ठोस एवं कड़े निर्णय लिए और नए संसाधन जुटाने पर ध्यान केंद्रित किया ताकि हिमाचल को आर्थिक दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि 16वें वित्त आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश के लिए राजस्व घाटा अनुदान समाप्त करने की सिफारिश तथा भारत सरकार द्वारा उसे स्वीकार किए जाने के निर्णय से हिमाचल के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट की स्थिति है। पिछले 73 वर्षों से हिमाचल प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान निरंतर मिल रहा था। अब इस अनुदान को बंद किए जाने से हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष औसतन 8 से 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पहले दिन से ही नए संसाधन जुटाने पर ध्यान केंद्रित किया है और पिछले तीन वर्षों में 49 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2023, 2024 और 2025 में आई अभूतपूर्व प्राकृतिक आपदाओं से उबरने के लिए हमारी सरकार ने सीमित संसाधनों के बावजूद प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली राहत राशि में ऐतिहासिक वृद्धि कर विशेष राहत पैकेज दिया। प्रदेश के 1 लाख 36 हजार कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान प्रदान करते हुए पहली कैबिनेट बैठक में ओपीएस बहाल की है और इसे हर तरह से लागू रखा जाएगा। इसके चलते केन्द्र ने हमारे हकों में करीब 2 हजार करोड़ की कटौती की है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा की नीति में परिवर्तन किया है। इससे भी राज्य को भारी नुकसान होगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र हमारी सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है। प्रदेश सरकार 15 से 20 वर्ष पुरानी मशीनों और उपकरणों को बदलने पर 3 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में हमारे प्रयास रंग लाए हैं और हमने पूर्ण साक्षर राज्य बनने का मील पत्थर हासिल किया है। राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण के अनुसार हिमाचल को देश में 5वां स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि 2021 में हिमाचल 21वें स्थान पर था। हमारी सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों को चरणबद्ध माध्यम से सीबीएसई से संबद्ध करने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाओं वाले राजीव गांधी राजकीय आदर्श डे-बोर्डिंग विद्यालय स्थापित कर रहे हैं। इस वित्त वर्ष 49 ऐसे विद्यालयों के नए भवनों के निर्माण और क्रियाशील भवनों को अपग्रेड करने के लिए 99 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लगभग एक लाख मामले मंजूर किए गए हैं। प्रदेश सरकार प्राकृतिक, धार्मिक, साहसिक, आध्यात्मिक और स्वास्थ्य पर्यटन को बड़े स्तर पर बढ़ावा दे रही है। कांगड़ा जिला को हिमाचल की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। देहरा उप-मण्डल के बनखंडी में दुर्गेश अरण्य वन्यप्राणी उद्यान का कार्य प्रगति पर है।

उन्होंने कहा कि ऊना जिला में 2500 करोड़ रुपए की लागत से बल्क ड्रग पार्क परियोजना का कार्य शुरु हो गया है, जबकि माता चिंतपूर्णी मंदिर को यथावत कायम करने के लिए 250 करोड़ रुपये की योजना शुरु होने जा रही है। इसके अतिरिक्त, 2500 करोड़ के वर्ल्ड बैंक प्रोजेक्ट पर कार्य किया जा रहा है तथा 2000 करोड़ रुपए पानी की शुद्धता पर खर्च होंगे और 3500 करोड़ कांगड़ा एयरपोर्ट के निर्माण पर व 3000 करोड़ रुपये स्वास्थ्य क्षेत्र में खर्च होंगे।
उन्होंने कहा कि युवाओं में नशे का बढ़ता चलन चिंता का विषय है। नेशनल नारकोटिक्स कोआर्डिनेशन पोर्टल के मुताबिक देश की 2.1 प्रतिशत आबादी सिंथेटिक ड्रग्स की चपेट में हैं। सरकार ने प्रदेश में चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान आरम्भ किया है जिसमें युवाओं सहित समस्त प्रदेशवासियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। मुझे विश्वास है कि हम सभी मिलकर इस बुराई को समाज से जड़ सहित उखाड़ फेंकने में सफल होंगे। चिट्टे की सूचना देने वालों को इनाम देने की घोषणा भी की है और सूचना देने वालों की पहचान को हर हालत में गोपनीय रखा जाएगा। प्रदेश शीघ्र ही ‘खेलो इंडिया – चिट्टा मुक्त अभियान’ शुरू करेंगे जिसके तहत युवाओं को नशे की लत, विशेषकर चिट्टे से दूर कर खेलों के माध्यम से अनुशासन, प्रतिस्पर्धा और सकारात्मक जीवनशैली की ओर अग्रसर किया जाएगा।हिमाचल दिवस पर हम सभी मिल कर शपथ लें कि चिट्टा मुक्त हिमाचल का निर्माण कर युवाओं के भविष्य को स्वस्थ और नशा मुक्त बनाएंगे।

बाक्स
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना शुरू की गई है। इसके अंतर्गत पहले चरण में ई-टैक्सी खरीद के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी और निश्चित आय का प्रावधान है। प्रदेश सरकार पशुपालकों से गाय और भैंस के दूध की खरीद देश भर की तुलना में सर्वाधिक समर्थन मूल्य पर कर रही है। गाय के दूध पर समर्थन मूल्य 32 से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध पर 47 से 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है।
मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत सरकार 6 हजार अनाथ बच्चों को सहारा प्रदान करते हुए उनकी शिक्षा, स्टार्ट-अप आरंभ करने, घर बनाने के लिए भूमि एवं धनराशि, पाॅकेट मनी सहित अन्य सुविधाएं प्रदान करने की जिम्मेदारी उठा रही है। प्रदेश सरकार सरकार कांगड़ा हवाई अड्डे के समीप कांगड़ा एयरोसिटी नाम से एक नया शहर विकसित करने जा रही है।

राजधानी शिमला में पानी की समस्या होगी हल
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला शहर के लिए सतलुज नदी से जल आपूर्ति परियोजना के अंतर्गत पेयजल उपलब्ध होना शुरू हो गया है। इस परियोजना पर लगभग 600 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसके अंतर्गत प्रतिदिन 42 एमएल (मीलियन लीटर) पेयजल उपलब्ध करवाने का प्रावधान है, जिसे बढ़ाकर भविष्य में 67 एमएल (मीलियन लीटर) भी किया जा सकता है। यह योजना अगले 50 वर्ष के लिए शहर की पेयजल समस्या का समाधान करेगी। इस योजना का कार्य जून, 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मतियाना, ठियोग क्षेत्र की सूखा प्रभावित क्षेत्र के लिये प्रदेश की सबसे बड़ी महत्वाकांक्षी पेयजल योजना के लिए 325.90 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं, जिसमें अब तक कुल 277.86 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जा चुकी है। कुरपण खड्ड से योजना का कार्य तीव्र गति से जारी है, जिसे जल्द ही पूर्ण कर दिया जायेगा। शिमला के ऐतिहासिक जाखू मंदिर में एस्केलेटर लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मंदिर पहुंचने में सुविधा हो रही है।

उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला में न्यूक्लियर मेडिसिन ब्लॉक का उद्घाटन किया गया है। इसी के साथ अब राज्य में सरकारी क्षेत्र में पहली बार पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (पैट) स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो गई है। इसके अतिरिक्त, आईजीएमसी में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत भी हो चुकी है। लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीन स्थापित की गई है।
सचिवालय के एलर्सली भवन के फेस-2 का निर्माण कार्य लगभग 20 करोड़ रुपये से प्रगति पर है। शिमला रोपवे के निर्माण को लेकर कार्य प्रगति पर है और इस संबंध में केन्द्र सरकार से भी समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। शिमला शहर में बिजली, इंटरनेट सहित अन्य तारों को अंडरग्राउंड करने के लिए 150 करोड़ रुपये की लागत से क्नबज का निर्माण किया जा रहा है, जिससे शहर को तारों से जाल से मुक्ति मिलेगी। संजौली हेलीपोर्ट से कुल्लू जिला के भुंतर हवाई अड्डा और किन्नौर जिला के रिकांगपिओ (आईटीबीपी हेलीपैड) के लिए रोजाना हेलीकॉप्टर उड़ानें शुरू हो गई हैं। प्रदेश सरकार 1000 नई बसें खरीदने जा रही है ताकि प्रदेश की जनता को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध हो। इसके अतिरिक्त 250 डीजल बसें, 300 इलेक्ट्रिकल बसें और 100 मिनी बसें खरीदने की प्रक्रिया जारी है।

बाक्स
जन प्रतिनिधियों के साथ मिलकर बनाएंगे प्रदेश का भविष्य उज्जवल
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं में चुनाव आ रहे है और ऐसे में हम निष्पक्षता के साथ चुनावों में सक्षम और योग्य उम्मीदवारों को चुने ताकि नए चुने हुए जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर प्रदेश का भविष्य उज्जवल बन सके।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टुटू, सम्भोता तिब्बतन स्कूल छोटा शिमला, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय जतोग, एसडी वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गंज बाजार, आर्य समाज राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लोअर बाजार और राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर की छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गए। इस दौरान मुख्यातिथि द्वारा प्रत्येक स्कूल को 5-5 हजार रुपए तथा सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारी सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान आशीष कौशल, निरीक्षक, जो वर्तमान में पुलिस अधिकारी प्रभारी स्पेशल सेल शिमला में कार्यरत है। इन्होने वर्ष 2026 में इग्स के खिलाफ निर्णायक कार्यवाही करते हुये दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 11.570 ग्राम एल.एस.डी. और 562 स्ट्रिप्स बरामद की।
पियुष राज, मुख्य आरक्षी न0 127, जो वर्तमान में पुलिस अधिकारी स्पेशल सेल रामपुर में कार्यरत है। इन्होने हाल ही में खुफिया जानकारी के माध्यम से दिनांक 10 अप्रैल, 2026 को तीन अभियुक्तों के कब्जे से 9.28 किलोग्राम अफीम और 12,00,000 रुपये (बारह लाख रुपये) की अवैध नगदी बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की।
शुभम, आरक्षी न01239, जो वर्तमान में शिमला के सबसे व्यस्त और संवेदनशील यातायात बिंदुओं में से एक, विक्ट्री टनल पर है। अपने नियमित ड्यूटी कर्तव्यों से परे, आरक्षी शुभम ने एक श्जन-मित्रश् पुलिसकर्मी की छवि को धरातल पर चरितार्थ किया है। वे प्रतिदिन स्कूली बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों को सुरक्षित सड़क पार करवाने में सदैव तत्पर रहते हैं। उनके इस मानवीय दृष्टिकोण, धैर्य और सहायता के भाव की स्थानीय जनता एवं पर्यटकों द्वारा निरंतर सराहना की गई है, जिससे विभाग की छवि उज्ज्वल हुई है।
सतपाल राक्टा, आरक्षी चालक नंबर 293, जो वर्तमान में आरक्षी पुलिस थाना रामपुर में कार्यरत है। इन्होनें अपनी जान की परवाह न करते हुए नदी के तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश करके अपनी सूझबूझ से नदी में डूब रही महिला की जान बचाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। महिला के अचेत अवस्था में होने के कारण आरक्षी ने तुरंत सीपीआर दिया और महिला के पेट से पानी निकालकर उसे प्राथमिक उपचार दिया और महिला को कंधे पर उठाकर सड़क तक पहुँचाया और अस्पताल भर्ती करवाया। इनकी त्वरित कार्यवाही और साहस के कारण 44 वर्षीय श्रीमती अशोक कुमारी की जान बचाई जा सकी।

यह भी रहे मौजूद
सांसद एवं राज्य प्रभारी कांग्रेस रजनी पाटिल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, विधायक ठियोग कुलदीप सिंह राठौर, विधायक शिमला शहरी हरीश जनार्था, पूर्व सांसद एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, नगर निगम महापौर सुरेन्द्र चैहान, उप महापौर उमा कौशल, अध्यक्ष राज्य कोऑपरेटिव बैंक देवेन्द्र श्याम, अध्यक्ष हिमफेड महेश्वर सिंह चौहान, उपाध्यक्ष हिमुडा यशवंत छाजटा, प्रदेश कांग्रेस महासचिव संगठन विनोद जिंटा, निदेशक बीओडी एचआरटीसी धर्मेंद्र धामी, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

2027 में कौन होगा हिमाचल का मुख्य मंत्री

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Facebook Instagram Twitter Youtube Whatsapp
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000