Himachal News: चमियाणा में एडवांस EUS तकनीक से जटिल पैंक्रियाटाइटिस का सफल इलाज, अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा – भारत केसरी टीवी

Himachal News: चमियाणा में एडवांस EUS तकनीक से जटिल पैंक्रियाटाइटिस का सफल इलाज, अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा

[ MADAN SHARMA]

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चमियाणा में जटिल पैंक्रियाटाइटिस के मरीजों का ईयूएस तकनीक से सफल इलाज

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बिना चीर-फाड़ के ईयूएस गाइडेड सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी से दो गंभीर मरीजों को नई जिंदगी

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अटल सुपर-स्पेशियलिटी आयुविज्र्ञान संस्थान चमियाणा के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग ने एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड ईयूएस गाइडेड सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी की दो जटिल और जीवनरक्षक प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक संपन्न की हैं। सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी एक न्यूनतम इनवेसिव यानी बिना बड़े ऑपरेशन के एक प्रक्रिया है, जिसका उपयोग तीव्र पैंक्रियाटाइटिस के बाद पेट में बनने वाले पस या तरल पदार्थ के बड़े कलेक्शन को निकालने के लिए किया जाता है। ऐसे मरीजों को लगातार उल्टी, तेज पेट दर्द, संक्रमण और भोजन न कर पाने जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में आया पहला मामला एक युवा महिला का था, जो तीव्र पैंक्रियाटाइटिस से पीडि़त थी। उसके पेट में बड़ा कलेक्शन बन गया था, जिससे पेट दब रहा था और उसे लगातार उल्टियां हो रही थीं। दूसरा मरीज एक पुरुष था, जिसके पेट में कई कलेक्शन बन गए थे और वह भी भोजन नहीं कर पा रहा था।

दोनों मरीजों की ईयूएस गाइडेड सिस्टोगैस्ट्रोस्टॉमी सफलतापूर्वक की गई और अब वे पूरी तरह स्वस्थ होकर स्थिर अवस्था में घर लौट चुके हैं। अब तक ऐसे जटिल मामलों को राज्य से बाहर, जैसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर करना पड़ता था। लेकिन चामियाणा में ईयूएस सुविधा शुरू होने से मरीजों को अब प्रदेश के भीतर ही उन्नत उपचार मिल सकेगा, जिससे समय, खर्च और यात्रा की परेशानी कम होगी। अस्पताल प्रबंधन ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार की दूरदर्शी सोच को दिया है। साथ ही प्रबंधन ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रयासों से संस्थान को अत्याधुनिक मशीनरी उपलब्ध कराई गई है, जिससे प्रदेश में विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो रही हैं।

डॉ बृज ने किया टीम का नेतृत्व

यह जटिल प्रक्रिया गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग प्रिंसिपल-कम-हेड प्रो बृज शर्मा के नेतृत्व में डॉ राजेश शर्मा, डॉ विशाल बोध, डॉ आशीष चौहान, डॉ जगरोप, डॉ नवीन, डॉ यशदीप, डॉ नलिन और तकनीकी टीम के सहयोग से की गई।

क्या है एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड ईयूएस

बता दें कि एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड ईयूएस एक अत्याधुनिक तकनीक है, जो एंडोस्कोपी और अल्ट्रासाउंड इमेजिंग को एक साथ जोड़ती है। इससे डॉक्टर शरीर के अंदरूनी अंगों को रियल टाइम में देख पाते हैं और सुरक्षित तरीके से पेट और संक्रमित कलेक्शन के बीच रास्ता बनाकर अंदरूनी ड्रेनेज कर देते हैं, जिससे खुले ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ती।

अस्पताल ने कोलैंजियोस्कोपी भी की शुरू

इसके अलावा विभाग ने हाल ही में कोलैंजियोस्कोपी प्रक्रिया भी शुरू की है, जिसके जरिए पित्त नलिकाओं को सीधे देखा जा सकता है, बड़े पथरी को एंडोस्कोपिक तरीके से तोड़ा जा सकता है और जरूरत पडऩे पर बायोप्सी भी ली जा सकती है।

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