हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय – भारत केसरी टीवी

हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय

🟩 शिमला मदन शर्मा 30 जुलाई 2025

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज शिमला में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंज़ूरी दी गई।

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🔸 सहानुभूति नियुक्ति नीति में संशोधन:
सहानुभूति आधार पर नियुक्ति नीति में बदलाव करते हुए पारिवारिक वार्षिक आय सीमा को ₹2.5 लाख से बढ़ाकर ₹3 लाख कर दिया गया है। अब विधवाओं, 45 वर्ष से कम आयु के अनाथों और ड्यूटी पर शहीद कर्मचारियों के आश्रितों को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि 5% कोटे में रिक्तियाँ उपलब्ध नहीं हैं तो एक बार की छूट दी जाएगी।

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🔸 नर्सिंग कॉलेजों का विस्तार:

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शिमला स्थित सिस्टर निवेदिता नर्सिंग कॉलेज में बीएससी नर्सिंग सीटों को 60 से बढ़ाकर 100 किया गया।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में नया नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने को भी स्वीकृति, जिसमें 60 सीटें होंगी।

कुल 27 विभिन्न पदों को सृजित और भरने की अनुमति दी गई।

🔸 रात्रिकालीन शिफ्ट में महिलाओं को अनुमति:
दुकानों और वाणिज्यिक संस्थानों में महिलाओं को शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक काम करने की अनुमति दी गई। साथ ही मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 के तहत सभी महिला कर्मचारियों को लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।

🔸 300 एकड़ मेडिकल डिवाइस पार्क पर कैबिनेट उप-समिति का गठन:
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में उप-समिति गठित की गई जो दो माह में रिपोर्ट देगी।

🔸 खनिज नियमों में संशोधन:
अब सड़क कटिंग से निकले मलबे को परियोजना में ही उपयोग करने की अनुमति, बाकी सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नीलाम किया जाएगा।

🔸 हवाई सेवा विस्तार:
शिमला-धर्मशाला-शिमला रूट पर एयर अलायंस के साथ MOU को 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 तक के लिए बढ़ाया गया।

🔸 पानी बिजली परियोजनाओं की समीक्षा:

HIMURJA के तहत 5 मेगावाट से कम की 172 अटकी परियोजनाएं रद्द कर पुनः विज्ञापित होंगी।

5 मेगावाट से अधिक की 22 परियोजनाएं भी रद्द की गईं जिनका क्रियान्वयन समझौता नहीं हुआ था।

🔸 कांगड़ा हवाई अड्डा विस्तार:
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के लिए 16 अगस्त 2026 तक एक साल की समय सीमा बढ़ाई गई।

🔸 धौलाकुआं-माजरा विकास योजना को मंजूरी:
सिरमौर जिले की योजना का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करते हुए सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

🔸 पटवार सर्किलों में पुनर्गठन:
कांगड़ा जिले के नलेटी पटवार सर्किल से दो क्षेत्रों को हटाकर परागपुर तहसील के तहत गरह पटवार सर्किल में जोड़ा गया।

🔸 नशा मुक्ति पर विशेष प्रस्तुति:
मंत्रिमंडल के समक्ष आबकारी एवं कराधान विभाग ने नशा मुक्ति के प्रयासों की विस्तृत प्रस्तुति दी।

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