10 साल बाद चंबा और 15 साल बाद चुवाड़ी में कांग्रेस की वापसी, भाजपा जनता को गुमराह कर रही है : जगत सिंह नेगी – भारत केसरी टीवी

10 साल बाद चंबा और 15 साल बाद चुवाड़ी में कांग्रेस की वापसी, भाजपा जनता को गुमराह कर रही है : जगत सिंह नेगी

[मदन शर्मा ]

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10 साल बाद चंबा और 15 साल बाद चुवाड़ी में कांग्रेस की वापसी : राजस्व मंत्री

• पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से ध्यान भटकाने के लिए दुष्प्रचार कर रही भाजपा
• भाजपा छह उपचुनाव सीटें हारी, तब जयराम ठाकुर ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया?
• पंचायत चुनाव परिणामों का झूठा श्रेय लेने की कोशिश कर रही भाजपा, जनता ने पार्टी को नकारा

राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री Jagat Singh Negi ने आज यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि कांग्रेस ने चंबा शहरी निकाय में 10 वर्ष बाद तथा चुवाड़ी शहरी निकाय में 15 वर्ष बाद सत्ता में वापसी की है। उन्होंने कहा कि चंबा जिले में हुए शहरी निकाय चुनावों में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया है।

उन्होंने बताया कि 10 वर्षों बाद चंबा शहरी निकाय में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर जीत हासिल की है। इसी प्रकार 15 वर्षों बाद चुवाड़ी नगर निकाय में भी कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार दोनों शीर्ष पदों पर विजयी हुए हैं।

जगत सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता हाल ही में हुए पंचायत चुनावों में झूठी जीत का दावा कर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों जैसे गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में लोग महंगाई को लेकर भाजपा से जवाब मांग रहे हैं। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडर की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता लोगों को सोना-चांदी जैसी वस्तुएं खरीदने से बचने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की बढ़ती कीमतों पर मौन हैं।

राजस्व मंत्री ने कहा कि भाजपा पंचायत चुनाव परिणामों को अपनी जीत बताकर वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है, जबकि जनता ने उसे नकार दिया है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव किसी राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह पर नहीं लड़े जाते। उनके अनुसार राज्य की 3,754 पंचायतों में से लगभग 2,400 प्रधान और 2,600 उपप्रधान कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार निर्वाचित हुए हैं।

उन्होंने कहा कि शहरी निकाय चुनावों में भी कांग्रेस को व्यापक जनसमर्थन मिला है। राज्य के 53 शहरी निकायों में से 29 में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। विशेष रूप से कांगड़ा जिले के सभी छह शहरी निकायों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि भाजपा को एक भी निकाय में सफलता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि मंडी जिले में भी भाजपा को करारा झटका लगा है।

जगत सिंह नेगी ने कहा कि पंचायत चुनाव उम्मीदवारों की व्यक्तिगत लोकप्रियता, स्थानीय मुद्दों और क्षेत्रीय परिस्थितियों के आधार पर लड़े जाते हैं, न कि राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्हों पर। इसके बावजूद भाजपा चुनाव परिणामों को राजनीतिक रंग देकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने इन चुनावों को भविष्य के चुनावों का “सेमीफाइनल” बताए जाने के दावे को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह न तो सेमीफाइनल था और न ही क्वार्टर फाइनल। विधानसभा उपचुनावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब भाजपा ने धनबल के माध्यम से लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया था, तब जनता ने उसे करारा जवाब दिया और पार्टी नौ में से छह सीटें हार गई। उन्होंने सवाल किया कि उस समय विपक्ष के नेता Jai Ram Thakur ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया।

राजस्व मंत्री ने कहा कि भाजपा पंचायत चुनाव परिणामों को लगातार चर्चा में रखकर राज्य और देश के महत्वपूर्ण मुद्दों से जनता का ध्यान हटाना चाहती है। उन्होंने कहा कि पंचायतों में महिलाओं, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण की व्यवस्था पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi और कांग्रेस पार्टी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिससे लोकतंत्र की जड़ें मजबूत हुई हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा को चुनावी दावों के बजाय आम लोगों और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। केंद्र सरकार की नीतियों के कारण पंचायत स्तर पर विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और रोजगार के अवसर घट रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मनरेगा के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता नहीं मिलने से पंचायतों के पास विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कमी हो जाएगी। यदि पंचायतों को पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं कराया गया तो नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए विकास कार्यों को गति देना कठिन होगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे, रोजगार सृजन और जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि पंचायतों के प्रभावी संचालन और ग्रामीण विकास के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन आवश्यक हैं और भाजपा को इन गंभीर मुद्दों पर अपना स्पष्ट रुख जनता के सामने रखना चाहिए।

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