चार श्रम संहिताओं के विरोध में सोलन बंद: बद्दी से बागा तक मजदूरों की ऐतिहासिक हड़ताल – भारत केसरी टीवी

चार श्रम संहिताओं के विरोध में सोलन बंद: बद्दी से बागा तक मजदूरों की ऐतिहासिक हड़ताल

[MADAN SHARMA]

Advertisement

 

Advertisement

चार श्रम संहिताओं के खिलाफ सोलन जिला में ऐतिहासिक और सफल हड़ताल

Advertisement

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर चार श्रम संहिताओं के खिलाफ सोलन जिला में आयोजित एक दिवसीय हड़ताल ऐतिहासिक और व्यापक रूप से सफल रही। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी, सोलन तथा UltraTech Cement प्लांट बागा एवं बघेरी दोनों स्थानों पर मजदूरों ने काम बंद कर केंद्र सरकार की मजदूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज किया।
इसके साथ ही नालागढ़ और अर्की में भी बड़े स्तर पर प्रदर्शन आयोजित किए गए, जहां हजारों मजदूरों, कर्मचारियों और किसानों ने भाग लेकर अपनी एकजुटता और आक्रोश का प्रदर्शन किया। यह व्यापक भागीदारी दर्शाती है कि चारों श्रम संहिताओं के खिलाफ मजदूर वर्ग में गहरा असंतोष व्याप्त है।
सोलन शहर में CITU और किसान सभा द्वारा संयुक्त प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 500 मजदूरों और किसानों ने भाग लिया। धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मोहित वर्मा, जिला महासचिव CITU सोलन ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चार श्रम संहिताएं मजदूर वर्ग के मौलिक अधिकारों पर सीधा हमला हैं। इन कानूनों के माध्यम से स्थायी रोजगार को समाप्त कर ठेका प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है, ट्रेड यूनियनों की शक्ति को कमजोर किया जा रहा है तथा हड़ताल के अधिकार को लगभग निष्प्रभावी किया जा रहा है। यदि इन श्रम संहिताओं को पूर्ण रूप से लागू किया गया तो देश का मजदूर वर्ग असुरक्षित रोजगार और शोषण की नई व्यवस्था में धकेल दिया जाएगा।
सभा में यह भी कहा गया कि मनरेगा जैसी योजनाओं के बजट में लगातार कटौती और कार्य दिवसों में कमी ग्रामीण गरीबों की आजीविका पर सीधा हमला है। मनरेगा ग्रामीण मजदूरों की जीवनरेखा है और इसे कमजोर करना लाखों परिवारों को बेरोजगारी तथा आर्थिक संकट की ओर धकेलने जैसा है। मांग की गई कि मनरेगा को मजबूत किया जाए, 200 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाए तथा मजदूरी दर में वृद्धि की जाए।
इसके अतिरिक्त न्यूनतम वेतन ₹26,000 प्रति माह निर्धारित करने, स्कीम वर्कर्स—जैसे मिड डे मील, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं—को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा श्रम सम्मेलन प्रत्येक दो वर्ष में नियमित रूप से आयोजित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि मजदूरों की भागीदारी के बिना कोई भी श्रम नीति स्वीकार्य नहीं होगी।
सभा में संकल्प लिया गया कि मजदूर-किसान एकता को और मजबूत करते हुए संघर्ष को और तेज किया जाएगा तथा आने वाले समय में व्यापक आंदोलन की तैयारी की जाएगी।
जारीकर्ता:
मोहित वर्मा
जिला महासचिव, CITU सोलन

Advertisement

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

2027 में कौन होगा हिमाचल का मुख्य मंत्री

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Facebook Instagram Twitter Youtube Whatsapp
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000