होम स्टे बनाने और अपग्रेड करने पर सरकार देगी सस्ता ऋण, मिलेगी 3 से 5 फीसदी ब्याज सब्सिडी – भारत केसरी टीवी

होम स्टे बनाने और अपग्रेड करने पर सरकार देगी सस्ता ऋण, मिलेगी 3 से 5 फीसदी ब्याज सब्सिडी

[MADAN SHARMA]

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हिमाचल प्रदेश में सरकार अब नया होम स्टे बनाने और पुराने को अपग्रेड करने के लिए ऋण लेने वालों को 3 से 5 फीसदी तक ब्याज पर सब्सिडी देगी। डायमंड और गोल्ड श्रेणी होम स्टे को दो करोड़ और सिल्वर श्रेणी को एक करोड़ तक के ऋण पर यह मदद मिलेगी। शहरी क्षेत्रों में होम स्टे के लिए 3, ग्रामीण क्षेत्रों में 4 व जनजातीय क्षेत्रों में 5 फीसदी तक ब्याज पर सब्सिडी दी जाएगी। 18 वर्ष से अधिक आयु के बोनाफाइड हिमाचली ही इस योजना के लिए पात्र होंगे। ब्याज सब्सिडी अधिकतम तीन वर्ष तक मिलेगी, जिसमें ऋण की मोहलत अवधि भी शामिल होगी। नए और पहले से संचालित होम स्टे यूनिट दोनों ही योजना का लाभ उठा सकेंगे।

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हिमाचल सरकार ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन स्टार्टअप योजना के तहत होम स्टे के लिए ब्याज सहायता योजना अधिसूचित की है। पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग ने राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद इस योजना को लागू कर दिया है। पहले चरण में यह योजना 1 दिसंबर 2027 तक चलेगी। हालांकि, सरकार योजना को आगे भी बढ़ा सकती है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में यह योजना शुरू करने की घोषणा की थी। योजना का उद्देश्य नए होम स्टे स्थापित करने और पुरानी इकाइयों का विस्तार या उन्हें अपग्रेड करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

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संबंधित बैंक ऋण वितरण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ब्याज सब्सिडी की जानकारी जिला पर्यटन विकास अधिकारी (डीटीडीओ) को देंगे। ब्याज सब्सिडी की राशि त्रैमासिक आधार पर नोडल बैंक के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। यदि लाभार्थी तीन महीने से अधिक अवधि तक ऋण की किस्तें नहीं चुकाता है, तो सब्सिडी रोकी जाएगी और छह माह से अधिक की देरी पर योजना का लाभ समाप्त कर दिया जाएगा। नया होम स्टे स्थापित करने के लिए ऋण लेने के समय से दो वर्ष के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना अनिवार्य होगा, ऐसा न होने की स्थिति में ब्याज अनुदान रोक दिया जाएगा।

आवेदन पर्यटन विभाग के पोर्टल या ऑफलाइन माध्यम से किया जा सकेगा। आवेदक को बोनाफाइड प्रमाणपत्र, जीएसटी नंबर, होम स्टे पंजीकरण प्रमाणपत्र और कम से कम पांच वर्ष तक इकाई चलाने के शपथपत्र सहित आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। ब्याज अनुदान नोडल बैंक में जमा किया जाएगा और बैंक की ओर से प्रस्तुत दावे के अनुसार यह अनुदान तिमाही आधार पर लाभार्थियों के खातों में जारी किया जाएगा। ब्याज अनुदान की राशि नोडल बैंक की ओर से तिमाही आधार पर लाभार्थी के ऋण खाते में जमा की जाएगी।

आवेदक को अनिवार्य रूप से होम स्टे बुकिंग का कंप्यूटरीकृत (रिकॉर्ड) या बुकिंग रजिस्टर बनाए रखना होगा। जीएसटी खाता खोलना होगा और उसका जीएसटी नंबर योजना के लाभ प्राप्त करने से तीन सप्ताह के भीतर विभाग को उपलब्ध कराना होगा। होम स्टे इकाइयों पर बिजली और पानी की आपूर्ति के लिए वाणिज्यिक दरें लागू होंगी। इस संबंध में विभाग की ओर से स्वीकृति की एक प्रति हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड और जल शक्ति विभाग के संबंधित कार्यालय को आगे की कार्रवाई के लिए भेजी जाएगी। इकाई को व्यावसायिक संचालन प्रारंभ होने की तिथि से कम से कम पांच वर्ष तक चलाना अनिवार्य होगा। यदि इकाई पांच वर्ष की अवधि से पहले बंद की जाती है, तो प्रदान की गई ब्याज सहायता राशि को सरकार वापस ले लेगी। इस संबंध में आवेदक को शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा।

हिमाचल प्रदेश में अब नया होम स्टे बनाने और पुराने को अपग्रेड करने के लिए सरकार डायमंड और गोल्ड श्रेणी होम स्टे को दो करोड़ और सिल्वर श्रेणी को एक करोड़ तक के ऋण पर मदद देगी। पढ़ें पूरी खबर…

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