23 वर्षों बाद राज्य सरकार ने पैरा-मेडिकल कोर्स की सीटें बढ़ाईं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम – भारत केसरी टीवी

23 वर्षों बाद राज्य सरकार ने पैरा-मेडिकल कोर्स की सीटें बढ़ाईं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम

शिमला मदन शर्मा 8 जुलाई, 2025

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राज्य सरकार ने करीब 23 वर्षों के अंतराल के बाद चिकित्सा क्षेत्र में तकनीशियन पाठ्यक्रमों की सीटें बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह निर्णय राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की भारी कमी को देखते हुए लिया गया है, जिससे लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता होती है, और यह निर्णय प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार राज्य की स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करने को प्राथमिकता दे रही है, ताकि लोगों को उनके ही राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।

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प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान में सरकारी क्षेत्र में पैरामेडिकल स्टाफ की सीटें बहुत कम हैं। वर्तमान सरकार ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद सरकारी मेडिकल कॉलेज, टांडा (जिला कांगड़ा) में इन सीटों को बढ़ाने का निर्णय लिया है।

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सीटों में विस्तार इस प्रकार किया गया है:

इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला:

बीएससी मेडिकल लैब तकनीक — 10 से बढ़ाकर 50 सीटें

बीएससी रेडियो एवं इमेजिंग — 10 से बढ़ाकर 50 सीटें

बीएससी एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थियेटर तकनीक — 10 से बढ़ाकर 50 सीटें

राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा:

उपरोक्त तीनों कोर्स में 18 से बढ़ाकर 50 सीटें प्रति कोर्स

प्रवक्ता ने बताया कि इस विस्तार से राज्य के युवाओं को बाहर न जाकर अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही, सरकार नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए प्रशिक्षण के अवसर बढ़ा रही है और स्वास्थ्य क्षेत्र में पदों की भर्ती प्रक्रिया को भी तेज गति से आगे बढ़ा रही है।

उन्होंने कहा कि इस पहल से राज्य में प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। मुख्यमंत्री का लक्ष्य राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को AIIMS दिल्ली के स्तर की सुविधाओं तक पहुँचाना है और यह निर्णय उस दिशा में एक बड़ा कदम है।

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