हिमाचल में लोकमित्र केंद्रों पर सख्ती, तय शुल्क से ज्यादा वसूला तो रद्द होगा लाइसेंस – भारत केसरी टीवी

हिमाचल में लोकमित्र केंद्रों पर सख्ती, तय शुल्क से ज्यादा वसूला तो रद्द होगा लाइसेंस

[MADAN SHARMA]

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प्रदेश में मनमानी फीस वसूल नहीं कर पाएंगे लोकमित्र केंद्र संचालक, ऐसा किया तो लाइसेंस रद्द

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राज्य के 7900 सेंटर को एसओपी जारी, तय शुल्क से ज्यादा वूसली पर होगी कार्रवाई

 

एक माह के लिए बंद हो जाएगी आईडी, बार-बार उल्लंघन पर बढ़ जाएगी निलंबन अवधि

 

हिमाचल के 7900 लोकमित्र केंद्रों और आधार केंद्रों की निगरानी के लिए एक नई एसओपी जारी की है। इस पहल का उद्देश्य पारदर्शिता को मजबूत करना, सेवा वितरण में सुधार करना और नागरिकों को अधिक शुल्क वसूली, खराब सेवा गुणवत्ता तथा अनधिकृत संचालन जैसी समस्याओं से बचाना है। डिपार्टमेंट ऑफ डिजिटल टेक्नोलॉजीज एंड गवर्नेंस द्वारा इसकी शिकायतों के निपटारे और अनियमितताओं के मामलों में कार्रवाई के लिए एक स्पष्ट व्यवस्था निर्धारित की गई है। इसमें अधिक शुल्क वसूली, सेवाओं का समय पर उपलब्ध न होना, संचालन संबंधी उल्लंघन और धोखाधड़ी जैसी शिकायतें शामिल हैं। यदि कोई लोकमित्र केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सेवा शुल्क से अधिक राशि वसूलता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। पहली बार ऐसा पाए जाने पर संबंधित केंद्र की सीएससी आईडी एक माह के लिए ब्लॉक की जाएगी और चेतावनी जारी की जाएगी। बार-बार उल्लंघन की स्थिति में निलंबन की अवधि बढ़ाई जा सकती है तथा अंतत: सीएसई आईडी को स्थायी रूप से रद्द भी किया जा सकता है। वहीं आधार ऑपरेटरों को केवल अधिकृत सरकारी परिसरों से ही कार्य करने की अनुमति होगी और उन्हें यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित स्थान संबंधी मानकों का पालन करना होगा।

 

यदि कोई ऑपरेटर स्वीकृत स्थान से बाहर आधार नामांकन गतिविधियां संचालित करता हुआ या फर्जी आधार नामांकन में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल निलंबन सहित नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। डिपार्टमेंट ऑफ डिजिटल टेक्नोलॉजीज एंड गवर्नेंस के निदेशक डा. निपुण जिंदल ने बताया कि सभी लोकमित्र केंद्रों को अपने केंद्रों पर सेवाओं की आधिकारिक दर सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों को भी सलाह दी गई है कि वे किसी भी सेवा के लिए भुगतान करने से पहले प्रदर्शित दरों की अवश्य जांच करें। निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर प्रत्येक तिमाही में कम से कम पंद्रह लोक मित्र केंद्रों का यादृच्छिक निरीक्षण करेंगे। इन निरीक्षणों के दौरान अधिकारी केंद्रों पर आने वाले नागरिकों से बातचीत कर सेवा शुल्क की भी पुष्टि करेंगे। निदेशक ने बताया कि वर्तमान में राज्य में लगभग 7900 सक्रिय लोक मित्र केंद्र कार्यरत हैं। नई एसओपी का उद्देश्य मौजूदा व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करना और यह सुनिश्चित करना है कि हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को पारदर्शी, कुशल और विश्वसनीय डिजिटल सेवाएं प्राप्त हों।

 

हेल्पलाइन नंबर 1100 पर कर सकते हैं शिकायत

लोकमित्र केंद्रों के कार्य से संबंधित शिकायतें मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन (1100), आधिकारिक शिकायत पोर्टल, ईमेल अथवा जिला प्रशासन के माध्यम से दर्ज कराई जा सकती हैं। शिकायत प्राप्त होने पर जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी द्वारा ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को स्थल निरीक्षण कर साक्ष्यों सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जाएंगे। आवश्यकता पडऩे पर जिला प्रशासन राजस्व विभाग या अन्य संबंधित अधिकारियों के माध्यम से स्वतंत्र तथ्य जांच भी करवा सकता है। इसके पश्चात अंतिम कार्रवाई के लिए रिपोर्ट और सिफारिशें राज्य के डिपार्टमेंट ऑफ डिजिटल टेक्नोलॉजीज एंड गवर्नेंस को भेजी जाएंगी।

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