हिमाचल: जनजातीय क्षेत्रों में टेंडर नियमों में बदलाव, 5 लाख तक के काम बिना प्रेस नोटिस संभव – भारत केसरी टीवी

हिमाचल: जनजातीय क्षेत्रों में टेंडर नियमों में बदलाव, 5 लाख तक के काम बिना प्रेस नोटिस संभव

[MADAN SHARMA]

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जनजातीय क्षेत्रों में जल शक्ति विभाग के टेंडर में नई व्यवस्था लागू, राज्य बजट और नाबार्ड कार्यों के लिए अलग नियम

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प्रदेश सरकार ने जल शक्ति विभाग के तहत होने वाले विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया में बदलाव करते हुए नई अधिसूचना जारी की है। इसके तहत केंद्र प्रायोजित योजनाओं और राज्य बजट तथा नाबार्ड के अंतर्गत होने वाले कार्यों के लिए अलग-अलग प्रक्रिया तय की गई है। विभाग में सोमवार से यह नई व्यवस्था लागू हो गई है। सबसे बड़ी राहत जनजातीय क्षेत्रों को दी गई है। जहां पांच लाख रुपए तक के छोटे कार्य बिना प्रेस नोटिस जारी किए भी करवाए जा सकेंगे। सरकार के निर्देशों के अनुसार यह व्यवस्था प्रदेश के रिकांगपिओ, पूह, काजा, केलांग, भरमौर और किलाड़ (पांगी) डिवीजनों में लागू होगी। अधिसूचना के अनुसार इन कार्यों के टेंडर विभाग की वेबसाइट के साथ-साथ संबंधित जलशक्ति मंडल और उपमंडल के नोटिस बोर्ड पर शेड्यूल ऑफ क्वांटिटी के साथ अपलोड किए जाएंगे। इसके अलावा विभाग में नोटिस इनवाइटिंग टेंडर रजिस्टर भी रखा जाएगा, जिसे कार्य दिवसों में निर्धारित समय पर ठेकेदारों के अवलोकन के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे कार्यों के लिए नोटिस अवधि सात दिन निर्धारित की गई है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक लाख रुपए से अधिक लागत वाले कार्यों के टेंडर हिमाचल प्रदेश की ई-टेंडर वेबसाइट पर प्रकाशित किए जाएंगे। इसके साथ ही एक राष्ट्रीय और एक क्षेत्रीय समाचार पत्र में भी संक्षिप्त टेंडर विज्ञापन देना अनिवार्य होगा। राज्य बजट और नाबार्ड के तहत होने वाले कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी करने की समय-सीमा भी तय कर दी गई है। यदि स्वीकृति पत्र सहायक अभियंता या कार्यकारी अभियंता स्तर से जारी किया जाना है, तो पूरी प्रक्रिया 12 कार्यदिवस में पूरी करनी होगी, जिसमें सात दिन प्रकाशन और पांच दिन प्रोसेसिंग के लिए निर्धारित किए गए हैं। यदि स्वीकृति अधीक्षण अभियंता स्तर से होनी है, तो यह प्रक्रिया 17 कार्यदिवस में पूरी होगी, जबकि मुख्य अभियंता स्तर से स्वीकृति वाले मामलों में कुल 22 कार्यदिवस का समय तय किया गया है।

आपात परिस्थितियों के लिए विशेष प्रावधान

आपदा या आपात परिस्थितियों यानी भूकंप, बर्फीले तूफान, बाढ़, अचानक भूस्खलन, आग या अन्य गंभीर हालात में विभाग शॉर्ट टेंडर नोटिस जारी कर या मौके पर स्पॉट कोटेशन के आधार पर भी कार्य करवा सकेगा। अत्यंत दुर्लभ परिस्थितियों में बिना टेंडर के भी कार्य आबंटित किया जा सकेगा, लेकिन इसके लिए संबंधित अधिकारी को स्पष्ट कारण दर्ज करने होंगे। सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सामान्य परिस्थितियों में सभी कार्यों के लिए टेंडर बुलाना अनिवार्य रहेगा। यदि किसी कार्य को जल्द पूरा करना आवश्यक हो, तो संबंधित अधीक्षण अभियंता शॉर्ट टेंडर नोटिस की अवधि को घटाकर न्यूनतम तीन दिन तक कर सकते हैं।

 

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