हिमाचल के 148 सरकारी CBSE स्कूलों में आज से शिक्षकों का नया ड्रेस कोड लागू, पहचान पत्र पहनना भी अनिवार्य; जानिए क्या रहेगा नया पहनावा – भारत केसरी टीवी

हिमाचल के 148 सरकारी CBSE स्कूलों में आज से शिक्षकों का नया ड्रेस कोड लागू, पहचान पत्र पहनना भी अनिवार्य; जानिए क्या रहेगा नया पहनावा

मदन शर्मा

Advertisement

 

Advertisement

हिमाचल प्रदेश के 148 सरकारी CBSE स्कूलों में शिक्षकों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड 1 अक्टूबर 2026 से लागू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशों के तहत शिक्षा विभाग ने यह व्यवस्था लागू की है।

 

निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली ने बताया कि ड्रेस कोड का उद्देश्य स्कूलों में अनुशासन, शिक्षकों की पेशेवर पहचान और संस्थागत गरिमा को बढ़ावा देना है। साथ ही इससे शिक्षण संस्थानों में अधिक व्यवस्थित और पेशेवर वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।

 

ड्रेस कोड में लाइट लिलैक, लिलैक पर्पल और नेवी ब्लू रंग निर्धारित किए गए हैं, जबकि जूतों और निर्धारित एक्सेसरीज के लिए काला रंग रखा गया है।

 

महिला शिक्षकों के लिए साड़ी के साथ ब्लेजर, कुर्ता/कमीज के साथ पैंट, प्लाजो या सलवार के साथ ब्लेजर तथा शर्ट-ट्राउजर के साथ टाई और ब्लेजर के विकल्प निर्धारित किए गए हैं। वहीं पुरुष शिक्षकों के लिए शर्ट, ट्राउजर, टाई और ब्लेजर निर्धारित किया गया है।

 

ड्यूटी के दौरान सभी शिक्षकों को पहचान पत्र (आईडी कार्ड) पहनना अनिवार्य होगा। ब्लेजर पर निर्धारित स्कूल या विभाग का लोगो भी लगाया जाएगा।

 

यह ड्रेस कोड सभी शिक्षकों और प्रधानाचार्यों पर लागू होगा, जिसमें आउटसोर्स आधार पर कार्यरत शिक्षक भी शामिल हैं। हालांकि चिकित्सा संबंधी जरूरत, दिव्यांगता या गर्भावस्था की स्थिति में संस्थान प्रमुख की अनुमति से उचित बदलाव किए जा सकेंगे।

 

शिक्षा विभाग के अनुसार यह कदम राज्य सरकार के व्यापक शिक्षा सुधारों का हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समान अवसर, जवाबदेही और छात्र-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।

 

राज्य सरकार अगले शैक्षणिक सत्र से 100 नए CBSE स्कूल खोलने की दिशा में भी काम कर रही है। वहीं CBSE स्कूलों में करीब 2,000 शिक्षकों के पद पहले ही भरे जा चुके हैं। शिक्षकों की जवाबदेही बढ़ाने के लिए दिन में तीन बार उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था भी शुरू की जा रही है।

 

इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के लिए सम्मान और पुरस्कार व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। अगले शैक्षणिक सत्र से सरकारी PM SHRI स्कूलों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के रिकॉर्ड में श्रेणी (कैटेगरी) का कॉलम नहीं दिया जाएगा। हालांकि पात्र परिवारों को मौजूदा प्रावधानों के अनुसार सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता रहेगा।

 

सरकार का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य आधुनिक, समावेशी और छात्र-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है, जिसमें शिक्षकों के पेशेवर मानकों के साथ-साथ विद्यार्थियों के बेहतर सीखने के परिणामों पर भी जोर दिया जाएगा।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

2027 में कौन होगा हिमाचल का मुख्य मंत्री

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Facebook Instagram Twitter Youtube Whatsapp
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000