हिमाचल आने वाले वर्षों में शिक्षा में अग्रणी होगा: मुख्यमंत्री – भारत केसरी टीवी

हिमाचल आने वाले वर्षों में शिक्षा में अग्रणी होगा: मुख्यमंत्री

स्थान: शिमला मदन शर्मा 27 जून, 2025

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को राजकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय, शिमला में आयोजित अंतर महाविद्यालयीय कार्यक्रम ‘Eruption-2025’ की अध्यक्षता की। उन्होंने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा, “कॉलेज के दिनों में मैं एससीए अध्यक्ष था। आज की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देखकर मुझे अपने समय की याद आ गई। सबसे खास बात यह रही कि इस बार छात्राओं की भागीदारी अधिक रही।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि वह सरकारी स्कूल से पढ़े हैं और एक साधारण परिवार से आते हैं। “वहीं से शुरू होकर आज मुझे राज्य का मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला है,” उन्होंने कहा।

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उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पदभार संभाला, तो राज्य पर ₹75,000 करोड़ का कर्ज और कर्मचारियों के ₹10,000 करोड़ की देनदारी थी, जिससे उन्होंने प्रणालीगत सुधारों की मुहिम शुरू की।

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📚 शिक्षा में सुधार की दिशा में कदम:

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वर्ष 2021 में हिमाचल की शिक्षा गुणवत्ता रैंक 21वीं थी।

पिछली सरकार की घोषणाओं से शिक्षा प्रभावित थी, इसलिए 1,000 स्कूलों का किया गया विलय।

कक्षा 1 से अंग्रेज़ी माध्यम शुरू किया गया।

शिक्षक व मेधावी छात्र विदेश भेजे गए।

स्कूल शिक्षा निदेशालय की स्थापना की गई।

अब हिमाचल 5वें स्थान पर है, लक्ष्य है देश में पहला स्थान प्राप्त करना।

🏫 नई योजनाएं:

अगले वर्ष से 10 राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल शुरू किए जाएंगे।

🏥 स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार:

राज्य में ₹1,100 करोड़ से मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड किया जाएगा।

चामयाना में पहला रोबोटिक सर्जरी मशीन पहुँच चुका है।

जल्द ही PET स्कैन और 3-टेस्ला MRI मशीनें भी उपलब्ध होंगी।

💸 डॉक्टरों की स्टाइपेंड में वृद्धि:

एमडी डॉक्टरों का स्टाइपेंड ₹60,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 किया गया।

सुपर-स्पेशलिटी व डेंटल एमडी छात्रों की स्टाइपेंड में भी वृद्धि होगी।

📢 मुख्यमंत्री का संदेश:
“वित्तीय अनुशासन ज़रूरी है। पिछली सरकार ने संसाधनों का दुरुपयोग किया, लेकिन हमारी सरकार हर पैसे को बचाकर विकास कर रही है।”

👨‍⚕️ स्वास्थ्य मंत्री कर्नल (डॉ.) धनी राम शांडिल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को प्रतिभा दिखाने और व्यक्तित्व निखारने का अवसर देते हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने अनाथ बच्चों को ‘राज्य के बच्चे’ के रूप में गोद लिया है – ऐसा क़ानून बनाने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य है।

🎁 घोषणा: सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देने वाले छात्रों के लिए ₹5 लाख की पुरस्कार राशि।

इस अवसर पर विधायक हरीश जनार्था, कॉलेज प्राचार्य डॉ. आशु भारती, कॉलेज स्टाफ व छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे।

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