विमल नेगी मौत मामला: पूर्व एसपी संजीव गांधी को सीबीआई का समन, दिल्ली में पूछताछ के लिए बुलाया – भारत केसरी टीवी

विमल नेगी मौत मामला: पूर्व एसपी संजीव गांधी को सीबीआई का समन, दिल्ली में पूछताछ के लिए बुलाया

[MADAN SHARMA]

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शिमला:

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हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के पूर्व चीफ इंजीनियर विमल नेगी की रहस्यमय मौत के मामले में जांच कर रही सीबीआई ने शिमला के पूर्व एसपी संजीव गांधी को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उन्हें 6 मार्च को दिल्ली के लोधी रोड स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में सीबीआई मुख्यालय में उपस्थित होकर जांच में सहयोग करने के लिए कहा गया था। बताया जा रहा है कि यह समन 2 मार्च को भेजा गया था।

मामले की जांच कर रहे सीबीआई के डीएसपी ब्रिजेंद्र प्रसाद सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 179 के तहत यह समन जारी किया है। समन में कहा गया है कि संजीव गांधी इस पूरे मामले की परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं, इसलिए जांच के दौरान उनसे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ की जानी है।

सीबीआई ने इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 3(5) के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया हुआ है। हालांकि अब तक जांच एजेंसी की ओर से कोई बड़ा खुलासा सामने नहीं आया है, जिसके चलते जांच की गति और दिशा को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।

इस मामले में पावर कॉरपोरेशन के पूर्व निदेशक (इलेक्ट्रिकल) देशराज को आरोपी बनाया गया है। उनकी जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने जांच की धीमी प्रगति और ठोस साक्ष्य पेश न किए जाने पर नाराजगी भी जताई थी।

गौरतलब है कि 10 मार्च 2025 को विमल नेगी शिमला से बिलासपुर के लिए निकले थे, जिसके बाद वे लापता हो गए थे। कई दिनों तक तलाश के बाद 18 मार्च को उनका शव बिलासपुर जिले के शाहतलाई क्षेत्र में एक दरिया से बरामद हुआ था। इस घटना ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। मृतक के परिजनों ने शुरू से ही इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी।

शुरुआत में इस मामले की जांच शिमला पुलिस ने की थी। उस समय के एसएसपी संजीव गांधी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ भी की, लेकिन कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आ पाया।
बाद में मामला राजनीतिक रंग ले बैठा। विपक्षी दलों, खासकर भाजपा ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए सरकार पर निष्पक्ष जांच कराने का दबाव बनाया। वहीं मृतक के परिजनों ने भी हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की थी।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) ओंकार शर्मा और तत्कालीन डीजीपी अतुल वर्मा की रिपोर्ट पेश की गई थी, जिनमें पावर कॉरपोरेशन से जुड़े कई अहम पहलुओं का जिक्र किया गया था। डीजीपी की रिपोर्ट में पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए थे।

इन परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए थे। इसके बाद सीबीआई ने कई अधिकारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ की है। इस मामले में पावर कॉरपोरेशन के तत्कालीन प्रबंध निदेशक हरीकेश मीणा का नाम भी चर्चा में रहा है, जो वर्तमान में खेल विभाग में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।

फिलहाल सीबीआई की जांच जारी है। पूर्व एसपी संजीव गांधी को समन जारी होने के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है और अब सभी की नजरें जांच एजेंसी के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।

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