मीनस–कोटि मार्ग बना मौत का रास्ता: कमजोर डंगों और सिस्टम की लापरवाही ने बुझाए तीन घरों के चिराग – भारत केसरी टीवी

मीनस–कोटि मार्ग बना मौत का रास्ता: कमजोर डंगों और सिस्टम की लापरवाही ने बुझाए तीन घरों के चिराग

[MADAN SHARMA]

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हिमाचल-उत्तराखंड को जोडऩे वाली मीनस-कोटि मार्ग पर गाड़ी को पास देते समय खाई में गिरी बस

हिमाचल और उत्तराखंड की सीमाओं को जोडऩे वाली लाइफलाइन कही जाने वाली मीनस-कोटि-विकासनगर सडक़ आज एक ऐसी डेथलाइन में तबदील हो चुकी है, जहां हर पत्थर पर किसी न किसी हादसे के निशान दर्ज है। हालत यह है कि मीनस से कोटी तक करीब 50 किलोमीटर की दूरी अब लाशों से नापी जा रही है। मंगलवार को चौपाल से वाया विकासनगर जा रही बस का खाई में गिरना कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि सिस्टम की उस अंधी लापरवाही का नतीजा है, जिसने तीन और हंसते-खेलते परिवारों को उम्र भर का मातम दे दिया। पिछले तीन सालों का ट्रैक रिकॉर्ड देखें तो यह मार्ग लाइफ लाइन कम और मौत का मार्ग अधिक साबित हुआ है। इस मार्ग पर करीब 18 सडक़ हादसों में 24 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके है, जिसमें कई घर उजड़ गए। इन हादसों में घायल दर्जनों लोग आज भी अस्पतालों में या बिस्तर पर अपनी टूटी हड्डियों के साथ सिस्टम को कोस रहे है।

स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते है। सडक़ को सहारा देने वाले डंगे पत्थरों के नहीं, बल्कि कथित भ्रष्टाचार की कच्ची मिट्टी पर टिके है।

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