मंडी में 152 करोड़ रुपये के न्यायिक कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास, न्याय व्यवस्था अस्पतालों की तरह सेवा भाव से काम करे : CJI – भारत केसरी टीवी

मंडी में 152 करोड़ रुपये के न्यायिक कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास, न्याय व्यवस्था अस्पतालों की तरह सेवा भाव से काम करे : CJI

[MADAN SHARMA]

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शिमला, 15 मार्च 2026

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भारत के मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant ने आज मंडी में 152 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए न्यायिक कोर्ट कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu भी उपस्थित रहे।

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यह आधुनिक न्यायिक परिसर 9.6 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जाएगा और इसमें चार ब्लॉक होंगे, जिससे न्यायाधीशों, वकीलों और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

 

कानूनी साक्षरता शिविर को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश सुर्या कांत ने कहा कि न्यायिक परिसरों को अस्पतालों की तरह काम करना चाहिए। जिस तरह लोग अस्पताल में उम्मीद लेकर जाते हैं, उसी तरह अदालतों में भी लोग न्याय की आशा लेकर आते हैं। इसलिए न्याय प्रणाली को सेवा भाव के साथ काम करना चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि मंडी को छोटी काशी के नाम से भी जाना जाता है, जहां लाखों लोग श्रद्धा के साथ आते हैं। ऐसे पवित्र स्थान पर आज न्याय के मंदिर की नींव रखी जा रही है।

 

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को न्याय और अधिकारों तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और पारदर्शी प्रशासन के माध्यम से समावेशी विकास और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए कार्य कर रही है।

 

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने करीब 6,000 अनाथ बच्चों को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” के रूप में अपनाया है और उनकी देखभाल के लिए देश में पहली बार कानून बनाया गया है। साथ ही, बेटियों को समान अधिकार देने के लिए पुश्तैनी संपत्ति में 150 बीघा तक बराबरी का अधिकार दिया गया है।

 

इसके अलावा विधवा महिलाओं के बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना शुरू की गई है, जिसके तहत उनकी पढ़ाई का खर्च राज्य सरकार उठा रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं बल्कि देश के आदर्शों, मूल्यों और आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने संविधान निर्माता B. R. Ambedkar के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में तैयार संविधान ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को समानता, न्याय और स्वतंत्रता के सिद्धांतों पर स्थापित किया।

 

उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश को अनुच्छेद 275(1) के तहत मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) अब बंद हो गई है, जो राज्य की वित्तीय स्थिति के लिए बड़ी चुनौती है।

 

इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश Gurmeet Singh Sandhawalia सहित कई न्यायाधीश, अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

 

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