‘बिजली मित्र’ पहल पर जयराम ठाकुर की आलोचना भ्रामक: तकनीकी शिक्षा मंत्री धर्माणी – भारत केसरी टीवी

‘बिजली मित्र’ पहल पर जयराम ठाकुर की आलोचना भ्रामक: तकनीकी शिक्षा मंत्री धर्माणी

[MADAN SHARMA ]

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तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर द्वारा ‘बिजली मित्र’ पहल पर की गई टिप्पणियों को गैर-जरूरी और भ्रामक करार देते हुए कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह वही जयराम ठाकुर हैं, जिनकी अगुवाई वाली भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में ‘कृषि मित्र’ नियुक्त किए थे। उस समय की रिपोर्टें स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि कृषि मित्रों ने अपनी सेवा अवधि के दौरान असमय और अपर्याप्त मानदेय को लेकर कई बार आवाज उठाई थी।

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मंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने ‘पशु सखियों’ को भी नियुक्त किया था, लेकिन आज जयराम ठाकुर ‘बिजली मित्रों’ का विरोध कर रहे हैं, जिन्हें वर्तमान सरकार नियमित भुगतान के साथ नियुक्त कर रही है और जिनके मानदेय में वार्षिक वृद्धि का भी प्रावधान है। ऐसा कर वह युवाओं को भ्रमित कर रहे हैं, मंत्री ने कहा।

उन्होंने विपक्ष के नेता को अग्निवीर नीति की याद दिलाते हुए कहा कि इस व्यवस्था के तहत युवा केवल चार वर्ष सेवा करते हैं और उन्हें बिना नौकरी सुरक्षा या पेंशन लाभ के घर भेज दिया जाता है, जिससे उनका भविष्य असुरक्षित हो जाता है।
“भाजपा ने राज्य के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया है,” धर्माणी ने कहा।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि बिजली मित्र हिमाचल के लोगों की सेवा के लिए नियुक्त किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कुल 1,602 बिजली उपभोक्ता मित्र, जो आवश्यक योग्यता—मैट्रिक पास तथा इलेक्ट्रिशियन/वायरमैन ट्रेड में नियमित ITI—पूरी करते हैं, उन्हें प्रति माह 10,000 रुपये का निश्चित मानदेय दिया जाएगा और प्रतिदिन 6 घंटे की ड्यूटी रहेगी।
इसके विपरीत, कृषि मित्रों के लिए न तो समान शैक्षणिक योग्यता थी और न ही कोई निश्चित नीति। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिजली मित्रों के लिए जल्द ही व्यापक नीति भी तैयार करेगी।

धर्माणी ने कहा कि जयराम ठाकुर के कार्यकाल में जहां अधिकारियों की संख्या दोगुनी की गई, वहीं 11.5 हजार क्षेत्रीय पद खाली पड़े रहे, जहाँ कर्मचारियों की सबसे अधिक आवश्यकता थी।

उन्होंने कहा कि जनता के वास्तविक मुद्दों को उठाने के बजाय जयराम ठाकुर मीडिया में बने रहने के लिए आधारहीन बयानबाज़ी को प्राथमिकता देते हैं। मंत्री ने बताया कि भाजपा सरकार ने शिक्षा, जल शक्ति और लोक निर्माण विभाग में मल्टी-टास्क वर्करों को मात्र 4,500 रुपये मानदेय पर रखा था, जिसे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की सरकार ने बढ़ाकर 5,500 रुपये किया।

उन्होंने कहा,
“मुझे समझ नहीं आता कि विपक्ष में बैठकर जयराम ठाकुर अपने उन फैसलों पर विचार क्यों नहीं करते, जिन्होंने युवाओं के भविष्य को लगातार खतरे में डाला। हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग में भारी भ्रष्टाचार था—नौकरियाँ बिक रही थीं—और भी बहुत कुछ।”

अंत में धर्माणी ने कहा कि जयराम ठाकुर को मीडिया में निरर्थक मुद्दे उठाने से पहले अपनी ही कमियों की समीक्षा करनी चाहिए

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