एक वर्ष में मेडिकल कॉलेजों में आएगा बड़ा सुधार : मुख्यमंत्री सीएम ने चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की – भारत केसरी टीवी

एक वर्ष में मेडिकल कॉलेजों में आएगा बड़ा सुधार : मुख्यमंत्री सीएम ने चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की

शिमला, मदन शर्मा 13 सितम्बर 2025

Advertisement

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में एक वर्ष के भीतर महत्वपूर्ण सुधार लाएगी। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को प्रदेश के भीतर ही उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी और इलाज के लिए बाहर जाने की ज़रूरत नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मेडिकल कॉलेजों की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित कर रही है। शिमला के चामियाणा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू कर दी गई है और इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य मेडिकल कॉलेजों तक भी बढ़ाया जाएगा।

Advertisement

बैठक में सभी मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ, उपकरण और मशीनरी की उपलब्धता की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित कर रही है और स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने के लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और तकनीकी स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए गम्भीर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी मेडिकल कॉलेजों में साफ-सफाई बनाए रखने और लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

Advertisement

श्री सुक्खू ने बताया कि चामियाणा, हमीरपुर और चंबा मेडिकल कॉलेजों में 25-25 करोड़ रुपये की लागत से स्वचालित प्रयोगशालाएँ (Automated Labs) स्थापित की जाएँगी। उन्होंने निर्देश दिए कि चंबा मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य इस वर्ष अक्तूबर तक पूरा किया जाए। साथ ही राज्य सरकार वहाँ अकादमिक ब्लॉक के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाएगी। चंबा मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेज़िडेंट डॉक्टरों और स्टाफ के लिए हॉस्टल भी बनाए जाएँगे।

Advertisement

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि नर्सिंग स्टाफ की कमी दूर करने के लिए नाहन, हमीरपुर, कुल्लू और चंबा में अगले शैक्षणिक सत्र से नर्सिंग कॉलेज शुरू होंगे। उन्होंने ज़ोर दिया कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टर-रोगी और नर्स-रोगी का अनुपात अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि लोगों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें। उन्होंने सभी मेडिकल कॉलेजों से ओपीडी और आईपीडी का डेटा भी माँगा।

बैठक में स्वास्थ्य सचिव श्रीमती एम. सुधा देवी, मु
ख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, विशेष सचिव अश्विनी शर्मा, चिकित्सा शिक्षा निदेशक राकेश शर्मा, स्वास्थ्य सेवाएँ निदेशक गोपाल बेरी और सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य (जो वर्चुअल माध्यम से जुड़े) उपस्थित रहे।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें

विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे
Donate Now
               
हमारे  नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट , और सभी खबरें डाउनलोड करें
डाउनलोड करें

जवाब जरूर दे 

2027 में कौन होगा हिमाचल का मुख्य मंत्री

View Results

Loading ... Loading ...


Related Articles

Close
Facebook Instagram Twitter Youtube Whatsapp
Website Design By Mytesta.com +91 8809666000