टी20 में ‘हाथ सेट’, टेस्ट खेलने की चाह: Suryakumar Yadav बोले— वनडे मुझे सूट नहीं करता – भारत केसरी टीवी

टी20 में ‘हाथ सेट’, टेस्ट खेलने की चाह: Suryakumar Yadav बोले— वनडे मुझे सूट नहीं करता

[MADAN SHARMA]

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टी-20 में हाथ सेट, टेस्ट खेलना चाहूंगा, सूर्यकुमार यादव बोले, वनडे क्रिकेट उन्हें रास नहीं आता

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भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव बोले, वनडे क्रिकेट उन्हें रास नहीं आता

 

भारत के विश्व कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव का कहना है कि वह टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहते हैं। वनडे क्रिकेट उन्हें रास नहीं आता, लेकिन टी-20 उनकी ताकत है, क्योंकि उसमें उनका हाथ सेट हो गया है। सूर्यकुमार याद ने एक इंटरव्यू में कभी-कभी मुंबई की आकर्षक हिंदी का उपयोग करते हुए नजर आए, जैसे कि ‘हाथ सेट हो गया है’ जिसका अंग्रेजी में कोई सटीक अनुवाद नहीं है। सरल शब्दों में कहें तो उनका मतलब था कि वह अब क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप के उस्ताद बन चुके हैं और इसे खेलने में सहज महसूस करते हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट न खेलने की अपनी निराशा के बारे में खुलकर बात की। सूर्यकुमार ने अपनी चिर परिचित मुस्कान के साथ याद दिलाया कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक टेस्ट मैच खेला था, जिसमें वह केवल एक पारी खेल पाए थे। सूर्यकुमार ने कहा, आपकी किस्मत में जो लिखा होता है, आपको वही मिलता है। मैंने भी लाल गेंद से क्रिकेट खेलना शुरू किया था और 10-12 साल तक रणजी ट्राफी खेली। मैंने मुंबई में लाल गेंद से बहुत क्रिकेट खेली है, क्योंकि अगर आप मुंबई में पले बढ़े होते हैं तो आप लाल गेंद से ही शुरुआत करते हैं, इसलिए सब कुछ लाल गेंद के इर्द-गिर्द ही घूमता है।

उन्होंने कहा, लेकिन धीरे-धीरे जब हमने सफेद गेंद से क्रिकेट खेलना शुरू की, तो मेरा झुकाव थोड़ा उसकी तरफ हो गया। इसके बाद मैं इस प्रारूप (टी20) में दिलचस्पी लेने लगा। मैंने वनडे (50 ओवर की क्रिकेट) में भी अच्छा खेलने की बहुत कोशिश की लेकिन कुछ खास नहीं कर पाया। भारतीय कप्तान ने कहा, टी20 क्रिकेट में जैसा चल रहा था, उसमें अपना हाथ सेट हो गया है, ऐसा बोल सकते हैं। सूर्यकुमार से जब पूछा गया कि अगर उन्हें मौका मिले तो क्या वह टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहेंगे? उन्होंने बिना किसी लाग लपेट के जवाब दिया, मुझे बहुत खुशी होगी, क्योंकि जैसा कि मैंने बताया कि मैंने 2010-11 से 2020 तक लाल गेंद से काफी क्रिकेट खेली है। दस साल तक लाल गेंद से खेलना बहुत लंबा समय होता है। मुझे इस प्रारूप से बेहद लगाव था। स्वाभाविक है कि अगर मौका मिले तो फिर कौन टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलना चाहेगा। फिर भी 35 साल की उम्र में सूर्यकुमार के लिए टेस्ट टीम में जगह बनाना लगभग असंभव है। टेस्ट में उनका एकमात्र अनुभव 2023 में नागपुर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया मैच था, जब उन्होंने एक पारी में आठ रन बनाए थे। उसी साल उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे विश्व कप के फाइनल में हिस्सा लिया, जिसमें उन्होंने 28 गेंदों में 18 रन बनाए। भारत फाइनल हार गया और सूर्यकुमार उसके बाद इस प्रारूप में कभी नहीं खेल पाए।

 

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