चेस्टर हिल्स स्कैम? प्रशासनिक जांच में बेनामी खेल का पर्दाफाश, हिमाचली नाम पर बाहरी लोगों की बादशाहत। – भारत केसरी टीवी

चेस्टर हिल्स स्कैम? प्रशासनिक जांच में बेनामी खेल का पर्दाफाश, हिमाचली नाम पर बाहरी लोगों की बादशाहत।

**हिमाचली नाम का सहारा लेकर जमीन पर कब्ज़ा?
चेस्टर हिल्स प्रोजेक्ट में बड़ा खेल उजागर**

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सोलन। भारत केसरी टीवी 15 नवंबर

चेस्टर हिल्स–2 और चेस्टर हिल्स–4 हाउसिंग प्रोजेक्ट में गड़बड़ियों का मामला अब और गहराता दिखाई दे रहा है। जिला प्रशासन की ताज़ा जांच में ऐसे कई तथ्य सामने आए हैं, जो पहले सिर्फ़ शक के दायरे में थे। पहले भी तहसीलदार की रिपोर्ट में अनियमितताओं की ओर इशारा किया गया था, लेकिन इस बार एसडीएम की जांच ने पूरा खेल उजागर कर दिया है।

जांच में यह पाया गया कि जमीन भले ही हिमाचली किसान हंस राज ठाकुर के नाम दर्ज है, लेकिन असल में प्रोजेक्ट चलाने, निर्माण कराने, बिक्री करने और मार्केटिंग से लेकर निवेश तक का पूरा कंट्रोल बाहरी व्यक्तियों — अदित्य सिंगला और अर्पित कुमार गर्ग — के हाथ में है। दोनों अपनी फर्म चेस्टर हिल्स और NG Estates के ज़रिए हाउसिंग प्रोजेक्ट पूरी तरह ऑपरेट कर रहे थे।

यहां तक कि हंस राज ने चेस्टर हिल्स टीम को साइट का अधिकार देने के लिए बाकायदा साइट इंचार्ज की नियुक्ति भी जारी कर रखी थी। यानी जमीन मालिक सिर्फ नाम के लिए मौजूद थे

दस्तावेज़ खोलते हैं पूरा मामला…

जांच की नींव बनी पूर्व मंत्री राजीव शांडिल (21 अगस्त 2025) और चेस्टर हिल्स अलॉटीज़ एसोसिएशन (15 सितंबर 2025) की दो शिकायतें।
दोनों ने आरोप लगाया कि धारा 118 का खुला उल्लंघन हुआ है और जमीन की वास्तविक कमान बाहरी लोगों को दे दी गई है। शिकायतों के साथ लगाए दस्तावेज़ भी इसे साबित करते हैं:

हंस राज और चेस्टर हिल्स फर्म के बीच ज्वाइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट

चेस्टर हिल्स के प्रतिनिधि पुनीत शर्मा के नाम रजिस्टर्ड पावर ऑफ अटॉर्नी

अदित्य सिंगला–अर्पित गर्ग की पार्टनरशिप डीड

प्रोफार्मा सेल डीड, पोज़ेशन लेटर

रेरा दस्तावेज़

HP RERA पोर्टल पर जमीन मालिकाना हक हंस राज के नाम दिखाया गया है, लेकिन फ्लैट बेचे जा रहे थे चेस्टर हिल्स फर्म के द्वारा। कई खरीदारों ने पैसा भी सीधे बाहरी प्रमोटरों के खातों में जमा किया — यही सबसे बड़ा सवाल खड़ा करता है।

पहली रिपोर्ट में भी मिली थी गड़बड़ी

17 दिसंबर 2024 को तहसीलदार की रिपोर्ट में भी धारा 118 के उल्लंघन की बात कही गई थी, लेकिन वह रिपोर्ट सिर्फ कागजी जांच पर आधारित थी। इसी कारण उसे मौके की जांच के लिए वापस भेज दिया गया। इसके बाद तहसीलदार को 15 सितंबर 2025 को विस्तृत साइट निरीक्षण कर नई रिपोर्ट देने को कहा गया।

नई रिपोर्ट: जमीन हंस राज की, कंट्रोल बाहरी लोगों का

20 सितंबर 2025 की तहसीलदार रिपोर्ट में सामने आए प्रमुख तथ्य:

हंस राज ठाकुर जमीन के वैधानिक मालिक।

चेस्टर हिल्स–2 और 4 में कुल 228 फ्लैट प्रस्तावित।

अब तक 7 रजिस्ट्री हो चुकी।

चेस्टर हिल्स फर्म के दोनों पार्टनर हिमाचल में कृषक नहीं।

JDA (जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट) में 90% बिक्री राशि बाहरी प्रमोटरों के पास जाने का प्रावधान।

साइट पर लगे बोर्ड, ऑफिस सेटअप, ब्रॉशर — सब कुछ चेस्टर हिल्स और NG Estates के नाम।

यानी जमीन सिर्फ हंस राज के नाम थी, पर पूरा नियंत्रण बाहरी प्रमोटरों के पास था।

कम आय, लेकिन 275 बीघा जमीन और 402 करोड़ के प्रोजेक्ट!

रिपोर्ट में यह भी लिखा गया कि हंस राज और उनके परिवार ने बेहद कम समय में लगभग 275 बीघा जमीन खरीदी, जबकि उनके आयकर रिटर्न में आय बहुत कम दिखाई गई। इसके बावजूद करीब 402 करोड़ रुपये के दो बड़े प्रोजेक्ट खड़े कर दिए गए।
यह पैसा कहां से आया? इसकी जांच जरूरी बताई गई है।

एसडीएम सोलन की सख्त टिप्पणियां

एसडीएम पूनम बंसल की रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरा प्रोजेक्ट एक ऐसी संरचना के जरिए चलाया जा रहा था, जिसका उद्देश्य धारा 118 की पाबंदियों को दरकिनार करना था।
उन्होंने यह भी अनुशंसा की कि:

> “पैसे के स्रोत और इसके उपयोग की जांच इनकम टैक्स तथा प्रवर्तन एजेंसियों से करवाई जाए।

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