“केंद्र की कठपुतली बना 16वां वित्त आयोग”: बजट बहस में राजस्व मंत्री का बड़ा आरोप, सदन में हंगामा – भारत केसरी टीवी

“केंद्र की कठपुतली बना 16वां वित्त आयोग”: बजट बहस में राजस्व मंत्री का बड़ा आरोप, सदन में हंगामा

[MADAN SHARMA]

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*केंद्र की कठपुतली बना 16वां वित्तायोग, बजट पर चर्चा के दौरान राजस्व मंत्री का बड़ा आरोप, सदन में जोरदार बहस*

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बजट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए राजस्व मंत्री मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि 16वां वित्त आयोग केंद्र सरकार की कठपुतली बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आरडीजी की जरूरत है, लेकिन वित्त आयोग इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि भाजपा इस मामले पर केंद्र को कुछ भी नहीं कर रही है, इसलिए भाजपा हिमाचल के हित में यह सही नहीं कर रही है। इस दौरान देश के इतिहास को लेकर सदन में तीखी नोक-झोंक देखने को मिली। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई देर तक गहमा गहमी देखने को मिली। जगत सिंह नेगी ने कहा कि राज्य के 55673 वर्ग किलोमीटर एरिया में से 13 प्रतिशत भूमि पर ही खेती होती है और राज्य का 80 प्रतिशत क्षेत्र वर्षा पर निर्भर है।

 

 

उन्होंने कहा कि राज्य के नौ लाख परिवार खेतीबाड़ी करते हैं। वहीं, राज्य में दो से अढ़ाई लाख लोग सरकारी कर्मचारी हैं और एक लाख 30 हजार लोग पेंशनर्ज हैं। राज्य का 43 प्रतिशत बजट पेंशन और वेतन पर खर्च होता है। उन्होंने कहा कि इसलिए बजट का सबसे ज्यादा कृषि और बागवानी, पशुपालन, भेड़-बकरी पालन, मछली पालन और प्रदेश के पिछड़े क्षेत्र को ध्यान में रखकर बनाया गया है। ऐसे में विपक्ष को यह बजट नीरस लग रहा है।

 

धोखे से नौ विधायक ले गई भाजपा

 

जगत सिंह नेगी ने कहा कि सीआईडी और पैसे के दम पर भाजपा नौ विधायकों को इस पासे से अपनी ओर ले गई। उन्होंने कहा कि भाजपा जैसे-तैसे सत्ता हथियाने और मौज करने के लिए ही कुर्सी पर बैठने के लिए प्रयास कर रही है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि पूर्व राज्यापाल ने संवैधानिक ढांचे को चोट पहुंचाने का काम किया है।

 

सत्ती बोले, ओपीएस आपने ही बंद की, और आपने ही बहाल

 

बजट पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ही पहले ओल्ड पेंशन बंद की थी। अब कांग्रेस सरकार ने ही बहाल कर दी। तो इसमें न तो क्रेडिट है न ही डिस्क्रेडिट। कांग्रेस नेता बेकार में ही भाजपा पर ओपीएस का विरोध करने के आरोप लगाते हैं, जबकि हमने कभी विरोध नहीं किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने चार घंटे से अधिक अपना बजट भाषण पढ़ा, लेकिन इस बजट में उनके पास बोलने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि कमियां गिनाना विपक्ष का काम है। उन्होंने कहा कि यदि सत्ता पक्ष अच्छा काम करेगा को भाजपा आपके साथ है लेकिन गलत काम करेंगे तो हम सरकार के साथ नहीं है।

 

कमलेश ठाकुर का तंज, आज तीनों बहनें वेंटिलेटर पर

 

मुख्यमंत्री सुक्खू की धर्मपत्नी और देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर ने प्रदेश की चौदहवीं विधानसभा के 11वें सत्र में अपनी पहली स्पीच दी। उन्होंने बजट पर चर्चा करते हुए कहा कि नवरात्र चले हुए हैं, तो मैं शुभमुहूर्त में ही अपनी चर्चा शुरू करूंगी। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए प्रदेश सरकार ने बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा है। बजट की प्रस्तुति दर्शाती है कि सरकार आत्मनिर्भर हिमाचल की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आरडीजी, एलपीजी बीवीजी राम जी और ये तीनों बहने आज वेंटिलेटर पर हैं। उन्होंने कहा कि गैस की किल्लत के चलते इन दिनों होलीडे होम में चूल्हे या भट्ठी पर खाना बन रहा है।

 

अनिल शर्मा बोले, सडक़ों से हटा दो एक लाख नौकरी देने वाले फट्टे

 

विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि कोई बजट परफेक्ट नहीं हो सकता, विपक्ष कमियों को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि कौन सा ऐसा राज्य है, जिसे आरडीजी मिल रही है और केवल हिमाचल को अछूता छोड़ दिया है। उन्होंने कहा प्रदेश को कैसे विकास की दृष्टि से आगे ले जाएं और प्रदेश की आय के क्या-क्या साधन हैं तथा कैसे उन्हें बढ़ाया जाए, उस पर विचार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा की इस बार बजट आकर भी कम हुआ। विधायक अनिल शर्मा ने सरकार की गारंटी का उल्लेख करते हुए कहा कि सडक़ों किनारे लगे उन फट्टों को तो निकाल दे, जिनमें हर वर्ष एक लाख यानि पांच वर्ष में पांच लाख रोजगार देने का वदा किया गया है।

 

अनुराधा शर्मा ने की बजट की तारीफ, हर वर्ग का रखा ध्यान

 

विधायक अनुराधा राणा ने चर्चा में भाग लेते हुए प्रदेश की आरडीजी बंद करने का मामला उठाया। उन्होंने कहा सोच समझ कर ही आरडीजी का प्रावधान किया गया था। उन्होंने इसे बंद किए जाने पर कई सवाल खडे किए और प्रदेश के साथ भेदभाव करार दिया। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान प्रधानमंत्री ने 1500 करोड़ देने कि बात कही, लेकिन यह पैसा अभी भी नहीं मिला है। विधायक ने कहा कि एक तरह से प्रदेश को टारगेट किया जा रहा। उन्होंने कहा कि बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि नौतोड़ अभी बाहर नहीं हो पाया है हालांकि इसके लिए राजस्व मंत्री ने भरसक प्रयास किए हंै। साथ ही उन्होंने कहा विधायक निधि में कटौती न हो।

 

लोकेंद्र कुमार की मांग, बंजार के दर्शनीय स्थलों पर ध्यान दे सरकार

 

भाजपा विधायक लोकेंद्र कुमार ने कहा कि बागी पुल सहित आसपास के बहुत से क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से काफी सुंदर जगह हैं। यह पर्यटन के लिए बहुत ही किफायती है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। एनएच 305 की हालत खराब है, जिसे दुरुस्त नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा बंजार में कई दर्शनीय स्थल हैं। जिस पनेउ रेस्ट हाउस में पूर्व पीएम पंडिल जवाहरलाल नेहरू भी रुके थे, उसकी स्थिति को दुरुस्त किया जाए। वहीं, महिला मंडल और सेल्फ हेल्प गु्रप्स को भी नशे के खिलाफ जागरूकता में शामिल किया जाए। उन्होंने आनी और सिराज में पत्रकारों की पिटाई करने का भी मामला उठाया।

 

मलेंद्र राजन ने कहा, प्रदेश को आगे ले जाना चाहते हैं सीएम सुक्खू

 

मलेंद्र राजन ने कहा कि प्रदेश मुख्यमंत्री को जिज्ञासा है प्रदेश को आगे ले जाने की इसलिए जो राज्य में बजट पेश किया है, वह आम लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप बजट प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के अंदर सडक़ंे सुधर रही हैं, शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम हो रहा है, तो भाजपा विरोध कर रही है। इंदौरा विधानसभा में तीन स्कूल सीबीएसई किएगए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य में विकास के नए काम और योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन विपक्ष को केवल राजनीति दिखाई देती है। हर बात का विरोध करना राजनीति है। हिमाचल की जनता भोली जरूर है, लेकिन समझदार है और विरोध करने वालों का एक दिन जबाब जरूर देगी।

 

बिक्रम ठाकुर का आरोप, सरकार की नासमझी से कम हुई सैलरी

 

भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने सदन में बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि किसी से आजिविका का अधिकार नहीं छीना जा सकता। उन्होंने कहा कि पूछा कि प्रदेश सरकार ने किस आधार पर वेतन में कटौती कर की है। विक्रम ठाकुर ने कहा कि इनसे ज्यादा असत्य बोलने वाले मुख्यमंत्री नहीं देखे। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि आप अपनी तीन वर्षो की बजट बुक खोलिए। पहले मुख्यमंत्री जिन्होंने 3486 करोड़ की कटौती की है। उन्होंने कहा कि सरकार की नासमझी के कारण सैलरियां कम हो गई हैं। अगर सरकार अपने कर्मचारियों को तनख्वाह नहीं दे पा रही है, यह आर्थिक अपातकाल की शुरूआत तो नहीं है।

 

सीएम बोले, कस्टमाइज पैकेज के नाम पर भाजपा ने लुटाई संपदा

 

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में बजट पर चर्चा के दौरान बिक्रम सिंह द्वारा उठाए गए सवाल पर कहा कि मननीय सदस्य बडे लंबे समय से सदन में रहे हंै और बड़े जोश से बोलते हैं, लेकिन जोश में होश खो बैठते हैं। उन्होंने बिक्रम सिंह से पूछा कि हमने कौन सा झूठ बोला है। हमने कहा 2032 में प्रदेश आत्मनिर्भर होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कस्टमाइज पैकेज के नाम पर प्रदेश की संपदा को हमारी सरकार ने लुटने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि मार्केट रेट पर हमारी सरकार उद्यमियों को प्लॉट आबंटित कर रही हैं ओर पूर्व भाजपा सरकार में कस्टमाइज्ड पैकेज के नाम पर प्रदेश की संपदा लुटाई गई। हमारी सरकार योजनाएं लाई है, इससे प्रदेश का विकास होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्क कल्चर बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बिना सोचे दफ्तर खालने की जरूरत नहीं है हर आदमी को काम पर जुटना पड़ेगा तब जाकर हम आगे बढेंगे।

 

राजेश धर्माणी बोले, राज्य का खर्र्च कम करने की जरूरत

 

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि सरकार ने जो बजट पेश किया है वह मुख्यमंत्री ने यह किस हालात में पेश किया हैं। उन्होंने कहा कि बहुत सी पोस्ट हैं, जिन्हें रैशलाइजेशन करने की जरूरत है, सरकार का खर्च कम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्यसचिवालय में कर्मचारियों को काम करने के लिए कुछ ब्रांच में काम करने वाले लोग नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की आय बढ़ाने के लिए इनवेस्टमेंट बढ़ाने की जरूरत है जिससे रेवेन्यू जनरेट हो। इसके साथ ही उन्होंने डेफरमेंट पर कहा कि हमें इससे भी आगे जाना चाहिए। जिसकी आमदनी 50 हजार है, उन्हें 10 प्रतिशत डैफर करना चाहिए।

 

दलीप ठाकुर बोले, गांव के विकास के लिए जारी करें विधायक निधि

 

दलीप ठाकुर भाजपा विधायक ने सदन में चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि बरसात में आपदा के समय केंद्र की सरकार ने प्रदेश की मदद की है। यदि उस समय पैसा नहीं आता, तो राज्य की सडक़ें नहीं खुल पाती। उन्होंने कहा कि सरकार एमएसपी पर बात करती है, जबकि कोई इसे तय मूल्य पर खरीदना नहीं चाहता। गांव का विकास करना है, तो विधायक निधि को जारी करना पड़ेगा।

 

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