कार दुर्घटना में घायल पिता-पुत्र को नहीं मिली एंबुलेंस,कर्मचारी थे हड़ताल पर,बड़े बेटे की मौत – भारत केसरी टीवी

कार दुर्घटना में घायल पिता-पुत्र को नहीं मिली एंबुलेंस,कर्मचारी थे हड़ताल पर,बड़े बेटे की मौत

[MADAN SHARMA ]

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हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को 108 और 102 कर्मचारियों की हड़ताल थी। गुरुवार रात 8:00 बजे से शुक्रवार रात 8:00 बजे तक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस दौरान मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वहीं आनी में एक कार खाई में गिर गई। कार में पिता के साथ दो बेटे सवार थे, जिनमें से बड़े बेटे की मौके पर मौत हो गई। गंभीर पिता और छोटे बेटे को स्थानीय लोगों ने एक निजी वाहन में आनी अस्पताल पहुंचाया, क्योंकि हड़ताल के कारण एबुलेंस नहीं मिल पाई। वहीं, चार जिलों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में भी 108 और 102 कर्मचारियों ने हड़ताल की।

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हड़ताल के चलते अस्पताल के बाहर 108 और 102 एंबुलेंस खड़ी नजर आई। ऐसे में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और शिमला रेफर किए जाने वाले मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। इस दौरान सबसे अधिक समस्या दूरदराज के क्षेत्रों के लोगों को झेलनी पड़ी। लोगों को रात के समय अस्पताल पहुंचने के लिए न एंबुलेंस मिली और न ही वाहन मिले। लोगों ने निजी वाहनों को अधिक पैसे देकर मरीजों को अस्पताल पहुंचाया। वहीं, 108, 102 कर्मचारी यूनियन ने चेताया है कि यदि जल्द उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। कर्मचारी यूनियन ने कहा कि 14-15 साल से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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शुक्रवार को 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल के चलते आपातकाल के मरीजों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ीं। दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से मरीजों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। गुरुवार रात से शुरू हुई हड़ताल के दौरान खनेरी अस्पताल में करीब 22 मरीज आपात की स्थिति में पहुंचे। इन मरीजों को 45 से 60 किलोमीटर तक का सफर निजी वाहनों में करना पड़ा। ऐसे में लोगों को आर्थिक मार और अव्यवस्था का शिकार होना पड़ा।

आनी से करीब सात किलोमीटर आगे गुगरा के पास शुपधारठी मोड़ पर शुक्रवार अपराह्न साढ़े तीन बजे आनी से डीम जा रही स्विफ्ट कार अनियंत्रित होकर गहरी खड्ड में जा गिरी। हादसे में एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक, कार को विजेंद्र चला रहे थे। कार में उनके दो बेटे भी सवार थे। अचानक मोड़ पर वाहन का संतुलन बिगड़ गया और गाड़ी गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में विजेंद्र और उनका छोटा बेटा नैतिक (13) गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बड़े बेटे आदित्य (15) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला। नैतिक को उपचार के लिए आनी अस्पताल पहुंचाया। वहीं, गंभीर चोटों के कारण विजेंद्र को प्राथमिक उपचार के बाद रामपुर के खनेरी अस्पताल रेफर किया गया। यहां से आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया है। वहीं, आनी अस्पताल से नैतिक को भी आईजीएमसी शिमला रेफर कर यिा गया है। बताया जा रहा है कि मृतक और घायल दोनों बच्चे हिमालयन मॉडल स्कूल आनी में पढ़ाई कर रहे थे।

108 और 102 कर्मचारियों की हड़ताल थी। गुरुवार रात 8:00 बजे से शुक्रवार रात 8:00 बजे तक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस दौरान मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

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